व्यापार:- कल जहां आरबीआई ने रेपो रेट को बढ़ा दिया था वही आज अब महंगाई से जूझ रहे अमेरिका के फेडरल रिजर्व बैंक ने अपनी नीतिगत ब्याज दर में 0.5 फीसद बढ़ा दी है। हालांकि फेडरल रिजर्व बैंक को इसे 2 फीसदी तक सीमित रखने का निर्देश दिया गया है। जानकारी के लिए बता दें अभी मार्च में फेडरल रिजर्व की खुली बाजार संबंधि समिति ने नीतिगत ब्याज दर में चौथाई वृद्धि की थी। वही बुधवार को हुई समिति की बैठक में एक बार पुनः इसकी नीतिगत ब्याज दर में 0.5 फीसद बढ़ाई गई है।
जानकारी के लिए बता दें फेडरल रिजर्व बैंक ने सबसे पहले इस तरह से ब्याज दर 2006 में बढ़ाई थी। जिसके बाद 2020 में ऐसा हुआ था। वही अब 2022 में एक बार पुनः ऐसा हुआ है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम ने कहा है देश महंगाई की मार झेल रहा है अर्थव्यवस्था डगमगा गई है। तो यह उम्मीद लगाई जा सकती है कि आगामी समय मे नीतिगत ब्याज दर में ओर बढ़ोत्तरी होगी।
बैंक अधिकारियों की ओर से यह कयास लगाए जा रहे हैं नवंबर-दिसंबर तक नीतिगत ब्याज दर 2.5 से 2.75 फीसद होगी और महंगाई में और अधिक उछाल आएगा।
बता दें कल भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 40 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोत्तरी की है। इस बढ़ोत्तरी के साथ अब भारतीय रिजर्व बैंक की रेपो रेट 4.40% फीसदी हो गई है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में हुई बढ़ोत्तरी की घोषणा करते हुए कहा कि अब वह समय आ गया है जब महंगाई चर्म पर है। कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन पिछले तीन महीनों में तय सीमा से अधिक हो गई है। वही अगर हम सरकार की बात करें तो सरकार ने महंगाई दर को 2 से 4 फीसदी के भीतर रखने की बात कही है।
