नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस की पहली स्वदेशी वैक्सीन COVAXIN का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने शनिवार को ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। आईसीएमआर और भारत बायोटेक मिलकर इस वैक्सीन को तैयार किया है।
निर्णायक दौर में कोविड की जंग
डॉक्टर हर्षवर्धन ने ट्वीट में कहा, “स्वदेशी कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू। कोविड-19 के खिलाफ जंग अब निर्णायक दौर में है। पिछले कई महीनों से कोरोना वैक्सीन के विकास के लिए जारी प्रयास के सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। हम जल्द ही इस महामारी पर पूरी तरह जीत प्राप्त कर लेंगे।”
375 वॉलेंटियर्स पर होगा ट्रायल
भारत बायोटेक के मुताबिक, 375 वॉलेंटियर्स पर यह ह्यूमन ट्रायल किए जाएंगे। यह ट्रायल कुल 3 चरणों में होंगे और पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है। एम्स (AIIMS) समेत भारत के 12 संस्थान इस ह्यूमन ट्रायल में हिस्सा ले रहे हैं। एम्स पटना में 10 वालेंटियर्स को यह वैक्सीन दी गई है और अभी तक किसी भी वालेंटियर में कोई साइड इफेक्ट होने की जानकारी नहीं है। यह खबर वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ा रही है।
ट्रायल के लिए यह शहर चयनित
आईसीएमआर ने भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के साथ मिलकर स्वदेशी कोविड-19 टीका (COVAXIN) विकसित किया है। आईएमएस एंड एसयूएम हास्पिटल के अलावा, क्लीनिकल ट्रायल के लिए चुने गए अन्य संस्थान विशाखापत्तनम, रोहतक, नई दिल्ली, पटना, बेलगाम (कर्नाटक), नागपुर, गोरखपुर, कट्टानकुलतुर (तमिलनाडु), हैदराबाद, आर्य नगर, कानपुर (उत्तर प्रदेश) और गोवा में स्थित हैं।

