- लद्दाख के साथ समुद्री सीमा और पाकिस्तान के सहारे चीन भारत को घेरने की तैयारी कर रहा है
- भारत की सीमा से करीब 25 से 35 किमी की रेंज में बनाए बंकर, भारत हर हरकत पर नजर रख रहा
लद्दाख के साथ समुद्री सीमा और पाकिस्तान के सहारे चीन भारत को घेरने की तैयारी कर रहा है.वह लगातार अपनी ताकत को बढ़ा रहा है.हालांकि चीन के मंसूबों का मुहंतोड़ जवाब देने के लिए भारत की तैयारी पूरी है. एयरफोर्स और आर्मी का आपस में सामंजस्य बनाने के लिए वार एक्सरसाइज दोनों सेनाओं ने की है. सुखोई जैसे विमान जब गरजे तो चीन को भारत की ताकत का एहसास हुआ. सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना को फोकस दौलत बेग ओल्डी-दपसांग सेक्टर पर है.उधर, जिन देशों में कोरोना का आउटब्रेक हुआ उनमें से बहुत से देश ऐसे हैं जो चीन को लगातार घेर रहे हैं.उनमें अमेरिका प्रमुख देश है.समुद्री सीमा पर चीन ने भारत को घेरने की कोशिश की लेकिन अमेरिका की ओर से की गई कार्रवाई से चीन को उलटे पांव लौटना पड़ा.
पीएलए जोखिम से बचने की कोशिश करेगी
सेना के अधिकारियों का मानना है कि सीमा पर भारत की तैयारियों को देखते हुए पीएलए किसी बड़े दुस्साहस का जोखिम लेने से बचेगी. चीन ने पूर्वी लद्दाख में भारी संख्या में अपने सैनिकों और हथियारों की तैनाती की है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि चीन खासकर सामरिक महत्व से दौलत बेग ओल्डी-देपसांग इलाके में किसी बड़े दुस्साहस की हिमाकत नहीं करेगा.
भारत भी तैयार
भारत ने भी पूर्वी लद्दाख में हजारों अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की है.साथ ही वहां भारी संख्या में टैंक, इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स और हॉवित्जर तोपों को भी तैनात किया गया है.इसके अलावा एयरफोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है। सुखोई-30 एमकेआई और मिग-29 लगातार सीमा पर चीन की हरकतों पर नजर बनाए हुए हैं. यानी चीन के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत की सेना पूरी तरह तैयार है.
फॉरवर्ड इलाकों में हम बेहतर
एक सूत्र ने कहा कि फॉरवर्ड इलाकों में हम बेहतर स्थिति में हैं. वहां अहम ठिकानों पर अतिरिक्त सैनिकों और हथियारों को तैनात किया गया है. लेकिन एलएसी पर खासकर गलवान घाटी और पैंगोंग सो इलाकों में तनातनी और झड़पों से इनकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि वहां लगातार तनाव बना हुआ है. हालांकि दोनों सेनाओं ने एक दूसरे से स्टैंड ऑफ डिस्टेंस बना रखी है.
महीनों तक रह सकती है तनातनी
एक अन्य सूत्र ने कहा कि ग्राउंड पर दोनों सेनाएं उसी तरह आमने-सामने डटी हैं. केवल कुछ वाहनों को आगे पीछे किया गया है. इस स्थिति को सुलझने में कई महीने लग सकते हैं.यह स्थिति अक्टूबर तक बनी रह सकती है.हम वेट एंड वॉच मोड में हैं.सूत्र ने कहा कि चीन एलएसी की स्थिति बदलने की हरकत कर सकता है लेकिन इसके लिए उसे ज्यादा तैयारी करनी होगी क्योंकि भारत ने अपनी तैयारी बढ़ा दी है.

