Thursday, October 21, 2021
Homeन्यूज़नेशनलबाबुल सुप्रियो को तृणमूल से राज्यसभा भेजे जाने की संभावना

बाबुल सुप्रियो को तृणमूल से राज्यसभा भेजे जाने की संभावना

कोलकाता, 18 सितंबर (आईएएनएस)। बाबुल सुप्रियो के तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने से राज्य के राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की महत्वाकांक्षी योजना के साथ सुप्रियो का प्रभावी ढंग से उपयोग करना चाहती है और इसलिए भाजपा के पूर्व सांसद को अर्पिता घोष के स्थान पर राज्यसभा का टिकट मिलने की संभावना है।

बाबुल सुप्रियो और भाजपा के बीच संबंधों में खटास तब स्पष्ट हो गई, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री सक्रिय राजनीति छोड़ना चाहते थे। इस बीच चर्चा चली कि अर्पिता घोष राज्यसभा से इस्तीफा देने वाली हैं, जो अभी भी स्पष्ट नहीं है। वह पांच साल से अधिक समय भी बनी रह सकती हैं। पार्टी के सूत्रों ने संकेत दिया कि अर्पिता घोष को पूर्व भाजपा केंद्रीय मंत्री बाबुल के लिए रास्ता बनाने में अपना बलिदान देना पड़ेगा।

राष्ट्रीय राजधानी में अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की योजना बना रही तृणमूल कांग्रेस का मानना है कि सात साल तक मंत्री रहे सुप्रियो की मौजूदगी से उन्हें दिल्ली में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, भाजपा में उनका अनुभव उन्हें भगवा ब्रिगेड की रणनीति को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा। पार्टी सुप्रियो को पूर्वोत्तर, झारखंड, बिहार और ओडिशा में अपनी विस्तार योजना में भी इस्तेमाल करना चाहती है।

हालांकि सुप्रियो ने कहा कि वह पिछले चार दिनों से तृणमूल कांग्रेस आलाकमान के संपर्क में थे, लेकिन पार्टी के सूत्रों ने कहा कि सुप्रियो के साथ बातचीत पिछले दो महीनों से चल रही थी, यह दर्शाता है कि उन्होंने सुप्रियो को मंत्रालय से हटाए जाने के बाद ही उनसे संपर्क करना शुरू कर दिया था।

भाजपा नेता अनुपम हाजरा ने तृणमूल कांग्रेस की योजनाओं का संकेत दिया।

हाजरा ने ट्वीट किया, तार माने झाल-मुरी राफा अगेई होए गेछिलो, जस्ट ओपेक्खा कोरा होच्छिलो राज्यसभा ते कि भाबे पठानो जाय!!! ताइ होइतो बेचारी अर्पिता देवी के एतो टोरीघोरी कोरे राज्यसभा चेरे थिएटरे मोन दिते बोला। (इसका मतलब झाल-मुरी समझौता पहले ही हो गया था। बस उनके राज्यसभा भेजे जाने का इंतजार है!!! बेचारी अर्पिता को शायद इसलिए इतनी जल्दी में राज्यसभा छोड़ने के लिए कहा गया था और थिएटर पर ध्यान देने के लिए कहा गया था)।

हालांकि पार्टी नेतृत्व भविष्य की अपनी योजनाओं के बारे में चुप्पी साधे हुए है। सुप्रियो पहले ही संकेत दे चुके हैं कि तीन से चार दिनों के भीतर कुछ बड़ा होने वाला है।

मीडिया से बात करते हुए सुप्रियो ने कहा, मानो या ना मानो यह एक मौका था जो अचानक मेरे पास आया। चार दिन पहले मैंने डेरेक से अपनी बेटी के प्रवेश को लेकर बात की और फिर बातचीत शुरू हुई। मैंने दीदी (ममता बनर्जी) के साथ चर्चा की। और अभिषेक बनर्जी और उन्होंने मुझे कुछ पेशकश की (मैं अभी विवरण नहीं बताऊंगा) जो बंगाल के लोगों के लिए काम करने की मेरी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसे ना कहना मुश्किल था।

सुप्रियो ने कहा कि वह सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा, मैं हमेशा से लोगों के लिए काम करना चाहता हूं और तृणमूल कांग्रेस ने मुझे बंगाल के विकास के लिए काम करने का मौका दिया है। पार्टी ने मुझे लोगों के लिए काम करने का मौका दिया है। मैं इससे ज्यादा और क्या उम्मीद कर सकता हूं?

यह पूछे जाने पर कि क्या वह अर्पिता घोष के स्थान पर राज्यसभा जा रहे हैं, सुप्रियो ने कहा, मैं अभी कुछ नहीं कह सकता। पार्टी घोषणा करेगी। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि तृणमूल कांग्रेस ने मेरे लिए एक बड़ा अवसर खोला है।

–आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

लेटेस्ट न्यूज़

ट्रेंडिंग न्यूज़