मेरठ में मंगलवार को मिले 17 कोरोना संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग चिंतित
लाॅकडाउन का कारण बन सकती है लोगों की लापरवाही
भीड़ के चलते चैराहों पर लग रहे जाम, खचाखच भरी लालकुर्ती पैंठ
मेरठ। उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ में लगभग समाप्ति की कगार पर पहुंच चुका कोरोना संक्रमण एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। मंगलवार को मिले 17 कोरोना संक्रमितों ने स्वास्थ्य विभाग को परेशानी में डाल दिया है। वहीं मेरठ का प्रशासन भी लोगों को कोरोना के खतरे से सर्तक करते हुए कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करने की अपील कर रहा है। कोरोना के बढ़ते खतरे के बावजूद लोग बेखौफ नजर आ रहे हैं। सड़कों पर लोगों की भीड़ के चलते जहां जाम लग रहे हैं वहीं लालकुर्ती पैंठ खरीदारों से खचाखच भरी रहती है।
27 मार्च 2020 को मेरठ में कोरोना संक्रमण का पहला मरीज मिलने के बाद जिले में कोरोना संक्रमण तेजी के साथ बढ़ने लगा था। कोविड-19 गाइडलाइन के अन्र्तगत लोगों को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाये रखने आदि नियमों का पालन करने को प्रेरित किया गया। यह नीति कामयाब भी रही और कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर काबू पाने में सफलता मिली। फरवरी माह और मार्च के पहले सप्ताह में कोरोना संक्रमण समाप्त होते नजर आ रहा था। कोई-कोई दिन तो ऐसा भी गया जब मेरठ जिले में कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला।
लेकिन कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आते ही लोगों ने लापरवाही दिखानी शुरू कर दी। मास्क पहनना और सामाजिक दूरी बनाये रखना भी दूर की बात हो गयी। सड़कों पर बेतहाशा भीड़ और बिना मास्क पहने घुमते लोगों को शायद यह गलतफहमी हो गयी थी कि कोरोना संक्रमण समाप्त हो गया है। और यही गलतफहमी एक बार फिर कोरोना संक्रमण को हावी होने का कारण बन गयी। सोमवार को मेरठ में जहां 6 कोरोना संक्रमित मिले थे वहीं मंगलवार को संक्रमितों की संख्या 17 हो गयी। बात करें मार्च माह की तो 10 मार्च को 11 कोरोना मरीज मिले थे। इसके बाद 14 मार्च को 10 नये कोरोना संक्रमित मिले। वहीं मंगलवार 16 मार्च को 17 कोरोना संक्रमित मिलने से संक्रमण के बढ़ने का अंदेशा बलवती हो रहा है। राहत यह है कि कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों की रफ्तार थम सी गयी है। लेकिन यदि लोगोें ने कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया तो आने वाले समय में कोरोना संक्रमण भयावह रूप लेकर हमारे सामने आ सकता है। लोगों की लापरवाही एक बार फिर लाॅकडाउन का कारण बन सकती है।



