भारतीय इतिहास में महिला शासकों की कमी नहीं है, इन्होने अपनी विरासत को मज़बूत बनाने के लिए कई स्मारकों का निर्माण किया था | इन महिला शासकों ने कई ऐसे खूबसूरत स्मारक बनाएं जिसमें बारीक नक्काशी, वास्तुकला और एतिहासिक का महत्व साफ दिखता है। तो आईये जानते है ऐसे ही कुछ प्रसिद्ध स्मारकों के बारे में जिनका निर्माण महिलाओं ने कराया था।
हुमायूं का मकबरा:
हुमायूं का मकबरा भारत के प्रसिद्ध मकबरों में से एक है, इसका निर्माण हुमायूं की बेग़म, हामिद बानो बेग़म ने करवाया था। ये फ़ारसी और भारतीय शैली को मिलाकर बनाई गई सबसे पुरानी रचनाओं में से एक है।
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इतिमाद-उद-दौला का मक़बरा:
महारानी नूर जहां ने भारत में संगमरमर का सबसे पहला मकबरा अपने पिता मीर गयास बेग की याद में बनवाया था | ये मकबरा ख़ज़ाने के बक्से की तरह दिखता है, जिसमे लाल और पीले बालू के पत्थर पर बारीक काम किया गया है।
रानी की वाव:
रानी की बावली दुनिया की सबसे पहली वाव है जिसे यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत धरोहरों में शामिल किया गया है | ये वाव को रानी उदयमति द्वारा अपने पति राजा भीमदेव प्रथम की याद में बनवाया गया था।
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मिरजान किला:
मिरजान किला कर्नाटक के पश्चिमी तट पर बसा है, ये किला ऊंची दीवारों और ऊंचे गढ़ों की डबल परत से घिरा हुआ है | ये गरसोप्पा की रानी, चेन्नाभैरादेवी द्वारा बनवाया गया, जिन्हे रैना दे पिमेंता भी कहा जाता था मतलब काली मिर्च की रानी है | ये नाम ऐसा इसीलिए है क्योकि जिस जगह पर शासन करती थीं वहां काली मिर्च की ज्यादा पैदावार होती थी।

