Site icon Buziness Bytes Hindi

ढाई करोड़ रुपये की नकली दवाएं पकड़ी


ढाई करोड़ रुपये की नकली दवाएं पकड़ी

रुड़की। बीमार होने पर रोगी को अच्छा डाॅक्टर और अच्छी दवाओं की आवश्यकता होती है। मगर दवा ही नकली हो तो मरीज ठीक कैसे होगा। नकली दवाओं का कारोबार कितना बड़ा है इसका खुलासा रुड़की में प्रशासन और औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मारे गये छापे में हुआ।

टीम ने ढाई करोड़ रुपये की नकली दवाएं पकड़ी हैं। यह नकली दवाईयां जिनमे अधिकतर एंटीबायोटिक हैं, को गुजरात, महाराष्ट्र, अंबाला कैंट, यमुनानगर, उत्तर प्रदेश सहित लगभग पूरे भारत में सप्लाई किया जा रहा था।

टीम ने कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। फैक्ट्री, गोदाम और दफ्तर को सील कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में सफेदपोशों के नाम भी सामने आने की संभावना है।

औषधि नियंत्रण विभाग को रुड़की में नकली दवाओं का कारोबार चलाये जाने की सूचना मिल रही थी। सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर देहरादून से आयी विभागीय टीम, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल और सिविल लाइंस पुलिस ने आदर्श नगर स्थित गोदाम पर छापा मारा तो वहां दवाओं के जखीरे को देखकर टीम हैरान रह गयी।

गोदाम में जिस दवा की पैकिंग की जा रही थी वह फैक्ट्री विभागीय अभिलेखों में कहीं दर्ज ही नहीं थी। गोदाम और आफिस के साथ टीम ने संचालक के घर से भी टीम ने दवाओं के सैंपल, सप्लाई से संबंधित दस्तावेज, लैपटाॅप आदि बरामद करते हुए संचालक सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद टीम ने भगवानपुर के पुहाना में नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारकर नकली दवाएं बरामद की। वहां से दो दो आरोपियों को हिरासत में लेकर फैक्ट्री को सील कर दिया गया।

औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गोदाम और फैक्ट्री से लगभग ढाई करोड़ रुपये की नकली दवाएं बरामद की गयीं हैं। इन दवाओं में अधिकतर एंटीबायोटिक हैं। यह नकली दवाएं गुजरात, महाराष्ट्र, अंबाला कैंट, यमुनानगर, उत्तर प्रदेश सहित लगभग पूरे भारत में सप्लाई की जा रही थी।

ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र राणा ने बताया कि पकड़े गये आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इस मामले की जांच कर नकली दवाओं बनाने से लेकर बेचने तक की पूरी चेन का पर्दाफाश किया जायेगा।

Exit mobile version