- गोरेपन की क्रीम के बाजार का 50-70 फीसदी हिस्सा फेयर एंड लवली के पास ही है
- सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर गोरा बनाने वाली क्रीम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है
फेयर एंड लवली क्रीम के बारे में तो आप जानते ही होंगे. इसे बनाने वाली कंपनी ने अपने इस ब्रांड का नाम बदलने का फैसला लिया है. कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नया ब्रैंड नेम सभी मंजूरी के बाद लॉन्च किया जाएगा. कंपनी ने फेयर एंड लवली से फेयर शब्द को हटाने की बात कही है. नए अवतार में आने वाला फेयर एंड लवली ब्रैंड अलग-अलग स्किन टोन वाली महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर ज्यादा केंद्रित होगा.
1975 से बिक रही क्रीम
1975 में, हिंदुस्तान यूनीलीवर ने फेयर एंड लवली नाम की एक गोरा करने वाली क्रीम लॉन्च की. देश में गोरेपन की क्रीम के बाजार का 50-70 फीसदी हिस्सा फेयर एंड लवली के पास ही है. फेयर एंड लवली ने साल 2016 में 2000 करोड़ क्लब में प्रवेश किया, जिससे पता चलता है कि भारत में गोरा करने वाली क्रीम खूब बिकती हैं.पिछले दिनों न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बताया था कि दक्षिण एशिया में यूनीलीवर स्किन लाइटनिंग क्रीम की मार्केटिंग में बदलाव की तैयारी कर रही है. क्योंकि सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर गोरा बनाने वाली क्रीम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है.एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये फैसला कंपनी के लिए टेंशन भरा होगा. क्योंकि इससे सेल्स पर असर होगा. इस कदम से आने वाले दिनों में कंपनी की बिक्री गिर सकती है. लिहाजा आमदनी पर भी इसका निगेटिव असर होगा. हालांकि, लॉन्ग टर्म में ये फैसला कंपनी के हित में काम करेगा.

