पान की खुशबू पर लगी नजर

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पान की खुशबू पर लगी नजर

लाॅकडाउन में बेकार हो गई पान की फसल, अब किसानों को मिलेगा अनुदान

न्यूज़ डेस्क – लॉकडाउन ने हमारी खेती खराब कर दी है. हम पान तोड़ नहीं पा रहे और वो खेत में ही सड़ जा रहे हैं. सरकार इसे लेकर ध्‍यान दे, वरना हम गरीब लोग बर्बाद हो जाएंगे. यह चिंता पान की खेती करने वाले रामलाल ने जताई.लाॅकडाउन में पान की दुकान व मंडी बंद होने से पान सड़कर बेकार हो गया। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग पान किसानों काे राहत देने के लिए अनुदान देने की तैयारी कर रही है.

अनुदान की सीमा को घटाया
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने अनुदान की सीमा को घटा दिया है. अब यह 1500 से घटाकर 1000 वर्ग मीटर कर दी गई है. अनुदान के लिए खेती की सीमा अधिक होने से छोटे किसानों अनुदान नहीं मिल पाता था.प्रदेश में राजधानी समेत महोबा, उन्नाव,रायबरेली, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, भदोही व सोनभद्र समेत प्रदेश के 21 जिलों 700 हेक्टेयर क्षेत्र में पान की खेती होती है. अमेरिका, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत कई देशों में 25 लाख डॉलर से अधिक पान का निर्यात हर वर्ष होता है. देश में 15 राज्यों में 55 हजार हेक्टेयर में पान की खेती होती है.

50,453 रुपए निर्धारित किए
पान किसानों की संख्या में भले ही कमी हो रही हो लेकिन, पान के व्यवसाय से लाखों पर परिवार जुड़े हैं. एक हजार वर्ग मीटर में पान बरेजे के निर्माण के लिए 50,453 रुपए निर्धारित किए गए हैं. इसके लिए किसानों को वेबसाइट uphorticulture.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा.उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के निदेशक डॉ.एसबी शर्मा ने बताया कि पान की खेती को बढ़ावा देने और उनकी माली हालत में सुधार के लिए यह निर्णय लिया गया है.पहले आओ पहले पाओ के आधार पर अनुदान दिया जाएगा.

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