Site icon Buziness Bytes Hindi

आई-क्यू (Eye-Q) द्वारा अपनी स्थापना के 16 साल पूरे होने पर अभियान, #सीब्राईट (#SeeBright) की घोषणा

Eye-Q hospital

इस अभियान में 9,000 से अधिक लोगों को मुफ्त नेत्र जांच की पेशकश की गई

लखनऊ : एक प्रमुख अस्पताल नेत्र देखभाल श्रृंखला, आई-क्यू (Eye-Q) ने अपनी स्थापना के 16 साल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं और इस घटना को मनाने के लिए इस नेत्र देखभाल ब्रांड ने एक अभियान, #सीब्राईट (#SeeBright) की घोषणा की है। इस अभियान के तहत, ब्रांड ने मोतियाबिंद के ऑपरेशन पर एक विशेष 16% छूट की घोषणा की है। इस पेशकश में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और एनसीआर (NCR) और गुजरात के क्षेत्रों में 50 वर्ष से अधिक आयु के रोगियों की आवश्यकताएं पूरी की गई। इस अभियान के अलावा, ब्रांड को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और 9,000 से अधिक लोगों की मुफ्त आंख परीक्षाएं हुईं।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, आई-क्यू (Eye-Q) के संस्थापक और मुख्य प्रबंध निदेशक, (CMD) डॉ. अजय शर्मा ने कहा, “आई – क्यू (Eye-Q को अपनी 16 वीं वर्षगांठ मनाने पर गर्व है। पिछले दशक में, हमने रोगी की आंखों की देखभाल की एक नई विरासत स्थापित की है, जिसने बेहतर परिणाम दिए हैं। यह 16 साल की सफलता की कहानी, हालांकि, हमारे डॉक्टरों और पैरामेडिक कर्मचारियों की सहायता और समर्पण के बिना संभव नहीं हुई होती। मैं उन सभी को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद देता हूं और आशा करता हूं कि, आने वाले कई वर्षों तक हमारे साथ उनकी सफल यात्रा जारी रहेगी। इसके अलावा, चूंकि हमारे ऑडियंस ने हम पर बहुत विश्वास किया है, इसलिए हम इस अभियान के माध्यम से उनकी सहायता करने की उम्मीद करते हैं।

9,000 से अधिक लोगों की आंखों की जांच के अलावा, ब्रांडद्वारा पहचान किए गए 1,500 से अधिक मामलों में प्रस्ताव पर मोतियाबिंद उपचार की पेशकश की जा सकी थी।

आई-क्यू (Eye-Q) के सह – संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO), श्री. रजत गोयल ने कहा, “चूंकि भारत अंधापन के भारी बोझ से जूझ रहा है, इसलिए आई-क्यू (Eye-Q) हमेशा सभी नागरिकों के लिए दृष्टि का अधिकार सुनिश्चित करने में सबसे आगे रही है। मोतियाबिंद, बुजुर्गों में अंधापन का सबसे प्रचलित कारण है, जो 50 वर्ष से अधिक उम्र के 60% से अधिक लोगों को प्रभावित करता है। ऑपरेशन की प्रक्रिया की आवश्यकता को पहचानने में देरी, कई जटिलताओं का कारण बन सकती है, जिसमें लेंस-प्रेरित ग्लूकोमा भी शामिल है, जो सर्जरी के बाद भी दृष्टि की रिकवरी को रोक सकता है। इसलिए, आई-क्यू (Eye-Q) में, हमने हताश जरूरतमंद लोगों के लिए मोतियाबिंद के ऑपरेशन पर छूट प्रदान करने की पहल की है।”

आई-क्यू (Eye-Q) द्वारा, केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) और पूर्व-सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के तहत मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए रोगियों को भी स्वीकार किया जाएगा। रोगी, स्वास्थ्य ईएमआई (EMI) कार्ड के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण नेत्र देखभाल सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

अपने संबंधित क्षेत्रों में व्यापक अनुभव वाले पेशेवरों की एक टीम द्वारा सहायता प्राप्त, सुपर – स्पेशलिटी नेत्र अस्पतालों की आई-क्यू (Eye-Q) श्रृंखला पूरे भारत में उचित मूल्य पर उच्चतम गुणवत्ता वाली आंखों की देखभाल प्रदान करने के लिए समर्पित है। डॉ. अजय शर्मा एवं श्री रजत गोयल द्वारा 2007 में स्थापित आई-क्यू (Eye-Q) ने भारत के 23 शहरों में फैले हुए 32 अस्पतालों एवं नाइजीरिया के दो अस्पतालों के जरिए 75 लाख रोगियों के लिए वांछनीय परिणाम हासिल किये हैं।

Exit mobile version