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Europe Hot Wave: जनवरी में यूरोप में प्रचंड गर्मी ने तोड़े सभी रिकार्ड, न्यूनतम तापमान 19 डिग्री

Europe Hot Wave:

नई दिल्ली। जलवायु परिवर्तन का असर कहे या रूस—यूक्रेन के युद्ध की गर्मी। जनवरी में जबकि कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इन दिनों यूरोप में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। यूरोप में जनवरी के शुरूआती दो दिन जबर्दस्त गर्म रहे। यूरोप के आठ देशों में जनवरी में ऐसी गर्मी के हालात देखे गए।

2 जनवरी डेनमार्क, पोलैंड, नीदरलैंड, चेक गणराज्य, लिथुआनिया, बेलारूस और लातविया में जनवरी का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। यूरोप के मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में पूरे यूरोप में मौसम का रिकॉर्ड हैरान करने वाला है।

19 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान

तापमान पर नजर रखने वाले वैज्ञानिक मैक्सिमिलियानो हेरेरा के मुताबिक पोलैंड के कोरबिएलोव गांव में तापमान 19 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। जो मई में रहने वाले तापमान से अधिक है। तापमान जनवरी के औसत 1 डिग्री तापमान से 18 डिग्री अधिक है।

इसी तरह चेक गणराज्य के जवोर्निक में तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। जबकि इन दिनों में यह औसत तीन डिग्री सेल्सियस रहता है। बेलारूस में जनवरी में तापमान शून्य डिग्री के आसपास होता है। जो इस बार 2023 के पहले दिन रविवार को 16.4 डिग्री पर जा पहुंचा। इसने देश के जनवरी के पिछले रिकॉर्ड 4.5 डिग्री को तोड़ दिया। जर्मनी, स्पेन और फ्रांस के दक्षिण में जनवरी में रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है। नॉर्वे, आयरलैंड,ब्रिटेन,इटली और दक्षिण-पूर्व भूमध्यसागरीय देशों में कोई रिकॉर्ड टूटा या नहीं बना है।

यूरोप के इतिहास की प्रचंड गर्मी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसे यूरोपीय इतिहास की प्रचंड गर्मी माना जा रहा है। एक अन्य मौसम वैज्ञानिक एलेक्स बर्किल ने इस दावे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यूरोप के बड़े हिस्से में प्रचंड गर्मी पड़ रही है, जो अब तक की अनसुनी है।

ग्लोबल वार्मिंग की छोटी सी झलक

यूरोपीय मौसम वैज्ञानिक स्कॉट डंकन के अनुसार यूरोप का तापमान चौंकाने वाला है। पिछले साल गर्म नया साल था। लेकिन इस बार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। हालांकि, इसका कोई खास कारण लगाना मुश्किल है। ला नीना और गर्म समुद्री सतहों की तापमान बढ़ाने में भूमिका है। जलवायु परिवर्तन पर नजर रखने वाले प्रोफेसर बिल मैकगायर ने बताया कि गर्मी से हालात बदतर होने का पूर्वानुमान है। चिंताजनक बात यह है कि ग्लोबल वार्मिंग तेजी से बढ़ रही है। जो भविष्य की एक छोटी सी झलक है। यह सर्दियों को कुछ महीनों के सूखे, नम और हल्के मौसम में परिवर्तित करेगा।

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