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Exclusive : वैक्सीन से खौफ़, दूसरी डोज से बच रहे लोग

कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने वालों का प्रतिशत कम
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा

अमित बिश्‍नोई

मेरठ। कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ लगवाने के बाद दूसरी डोज़ लेने में लोग खौफ़ खा रहे हैं। यही वजह है कि जिले में बूस्टर डोज़ का प्रतिशत पहली डोज़ के मुकाबले काफी कम बैठ रहा है। ये हम नहीं कह रहे बल्कि ये खुलासा ख़ुद स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक विशेष अभियान चलाने के बाद भी लोगों में वैक्सीनेशन को लेकर रूझान बढ़ नहीं रहा है. पहली डोज के बाद दूसरी डोज लेने में भी लाभार्थी बच रहे हैं.

ये है आंकड़ों की कहानी

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लगवाई जा रही वैक्सीन की पहली लगवाकर लोग गायब हो रहे हैं। दूसरी डोज लगवाने का आंकड़ा पहली की तुलना में कम हो गया है. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार करीब 8 हजारहैल्थ केयर वर्कर्स ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है. वहीं 19.6 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर्स ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है. यहां भी करीब 7 हजार लोगों ने दूसरी डोज नहीं ली है.

तीसरा चरण भी नहीं पकड़ रहा गति

जिले में वैक्सीनेशन का तीसरा फेज चल रहा है. 45 साल व इससे अधिक उम्र वाले लोगों को सरकार टीका लगवा रही है। ये अभियान भी अब खास तेजी नहीं पकड़ रहा है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक 68.1 प्रतिशत लोगों का ही टीकाकरण हो पाया है. वहीं बूस्टर डोज भी 11612 लोगों ने ही ली है.

फैक्ट फाइल

फेज-3 की स्थिति अब तक

इनका है कहना
टीकाकरण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। जो लोग पहली डोज़ लेने के बाद दूसरी जगह नियुक्त हो गए , वो वही टीका लगवा रहे हैं। लोगों में जागरूकता लाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं. हमारी पूरी कोशिश है कि अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करवाया जाएं.
डा. प्रवीण गौतम, नोडल इंचार्ज वैक्सीनेशन, मेरठ

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