लंदन। इस समय पूरा यूरोप भीषण गर्मी की चपेट में है। यूरोप बुरी तरह से तप रहा है। हालात ये हैं कि एयरपोर्ट के रनवे अब गर्मी की आग में पिघल रहे हैं। वहीं रेलवे ट्रैक भी गर्मी से टेढे हो चुके हैं। गर्मी के चलते यूरोप की सड़कों पर सन्नाटा है। यूरोप और स्पेन,पुर्तगाल में गर्मी से मरने वालों की संख्या अब 1700 के करीब पहुंच गई। गर्मी के कारण बताया जाता है कि रेलवे सिग्नल पिघला है और रेलवे ट्रैक भी प्रभावित हुआ है। वहीं गर्मी के कारण लंदन के कुछ हिस्सों में जंगल में लगी आग में कई घर नष्ट हो गए। अधिकांश देशों में तापमान 40 डिग्री को पार कर गया है। इससे पहले सबसे अधिक तापमान 2019 में 39.1 डिग्री दर्ज किया गया था। अनुमान है कि तापमान अभी इसके ऊपर तक जा सकता है। विशेषज्ञों ने दावा किया है कि कार्बन उत्सर्जन कम नहीं किया तो हालात इससे अधिक बुरे हो जाएंगे। ब्रिटेन में गर्मी से हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि ट्रांसपोर्ट व्यवस्था बिगड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, ब्रिटेन की सड़कों पर तारकोल पिघलने लगा है। लूटन एयरपोर्ट रनवे पिघल गया है। रेलवे ट्रैक बढ़ते तापमान को सह नहीं पा रहे हैं और फैल रहे हैं। ब्रिटेन में लोगों को अब ट्रेन से यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। परिवहन मंत्री ग्रांट शैप्स के अनुसार, देश का रेल नेटवर्क भीषण गर्मी का सामना नहीं कर सकता। अब इसकी अपग्रेडिंग करने में वर्षों लगेंगे। तापमान के बढ़ने के कारण ट्रैक का तापमान 50 डिग्री, 60 डिग्री और कहीं पर 70 डिग्री पहुंच रहा है। इस कारण ट्रैक भी पिघल रहा है। ट्रेन के पटरी से उतरने का खतरा इससे काफी बढ़ रहा है। पुर्तगाल,फ्रांस,ग्रीस, स्पेन पर गर्मी की मार तेजी से पड़ रही है। लोग घरों से काम कर रहे हैं। ब्रिटेन मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि एक-दो दिन में तापमान 41 डिग्री पार पहुंच जाएगा। बढ़ती गर्मी के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गईं हैं।
दक्षिणी यूरोप के अधिकांश हिस्सों में सैकड़ों जंगल जल रहे हैं। यहां आग पर काबू पाने के लिए हजारों फायरफाइटर्स लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी जंगलों में आग लगने का खतरा बना है। स्पेन में लगातार आठवें दिन हीटवेव चल रही है। अब तक यहां पर 510 लोगों की मौत हो गई है। इस साल आग लगने से 1.73 लाख एकड़ जंगल तबाह हो चुका है।

