हैदराबाद: उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कॉर्पोरेट जगत को लोगों को जागरुक करने वाली प्रक्रिया के प्रति प्रोत्साहित करने और इस काम में लगे लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय करने का सुझाव दिया है।
उप राष्ट्रपति ने यहां सोमवार को इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया में दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उप राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि शेयरधारकों सहित सभी हितधारकों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए कॉर्पोरेट प्रशासन के सभी मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
श्री नायडू ने जनता के धन की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी अनियमितता की गुंजाइश को कम करने के लिए हमें प्रणाली को सरल बनाना होगा। उन्होंने कुछ लोगों के कार्यों से भारतीय व्यापार की छवि खराब होने पर प्रकाश डालते हुए युवा कंपनी सचिवों से अपने मार्गदर्शन और कुशलता से कॉर्पोरेट प्रशासन में नैतिकता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस पेशे को एक मिशन के रूप में लिया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने आगामी महीनों में भारतीय अर्थव्यवस्था के पुन: पटरी पर आने की उम्मीद जताई और संबंधितों से इसे और मजबूत बनाने का नेतृत्व करने का आग्रह किया।
श्री नायडू ने अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत बनाने के लिए सभी हितधारकों से ठोस प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया जैसी संस्थायें अच्छे कॉर्पोरेट प्रशासन पर ध्यान देने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में अहम भूमिका निभाएंगी। श्री नायडू ने कहा कि कॉरपोरेट प्रशासन के मजबूत सिद्धांत किसी भी कंपनी की प्रेरक शक्ति होनी चाहिए और पारदर्शिता, अखंडता और ईमानदारी को हर समय बरकरार रखा जाना चाहिए और प्रत्येक व्यावसायिक गतिविधि में यह दिखना चाहिए। इस मौके पर उप राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को भारत का गौरवशाली अतीत याद दिलाते हुए कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल प्रतिभा को पहचानने और उसे बढ़ावा देने की है।

