मुंबई। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को मान्यता मिल गई है। इससे शिवसेना और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद के निचले सदन में शिवसेना नेता के रूप में राहुल शेवाले को मान्यता दी है। इससे शिवसेना नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। अब विधायकों और पार्षदों के बाद सांसदों का बड़ा धड़ा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ आ मिला है। एकनाथ शिदें ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद के निचले सदन में राहुल शेवाले को शिवसेना नेता के रूप में मान्यता प्रदान की है। एकनाथ शिंदे के साथ अब शिवसेना के 12 लोकसभा सदस्य हैं। इन सभी लोकसभा सदस्यों ने संसदीय दल के नेता को बदलने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा था। लोकसभा में अब शिवसेना के नए नेता राहुल शेवाले ने कहा उद्धव ठाकरे ने भाजपा के साथ फिर से जुड़ने की इच्छा जताई थी। लेकिन वो अब अपनी बात से मुकर गए है।
उन्होंने कहा कि हमने उद्धव ठाकरे से उपराष्ट्रपति पद के लिए मार्गरेट अल्वा का समर्थन नहीं करने के लिए कहा था। लेकिन हमारे विचारों को उद्धव ठाकने ने नजरअंदाज कर दिया। बता दें कि इस समय लोकसभा में शिवसेना के 19 सांसद हैं। जिनमें से 12 एकनाथ शिंदे को अपना समर्थन दे रहे हैं। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे समेत शिवसेना के 12 सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और उनसे संसद के निचले सदन में शिवसेना के नेता को बदलने का अनुरोध किया था। शिवसेना के फ्लोर लीडर विनायक राउत ने स्पीकर को एक पत्र देने के बाद शिवसेना के बागी सांसदों ने बिरला से मुलाकात की थी। अब शिवसेना का अलग गुट लोकसभा में अलग मान्यता चाहता है। एकनाथ शिंदे गुट के सांसदों में से एक हेमंत गोडसे ने कहा कि शिवसेना के 12 सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और विनायक राउत के स्थान पर राहुल शेवाले को पार्टी का नया नेता नियुक्त करने का अनुरोध किया।
