महाराष्ट्र की सियासत में शिवसेना के दो फाड़ होने के बाद चुनाव आयोग ने पार्टी का आधिकारिक चुनाव चिन्ह ज़ब्त कर लिया और बदले में उद्धव गुट और शिंदे को नया नाम और नया निशान एलाट कर दिया है. नए चुनाव चिन्ह मिलने के बाद शिव सैनिकों को अब तलवार-ढाल और मशाल के बीच चुनाव करना होगा। चुनाव आयोग ने कल उद्धव गुट को मशाल चुनाव चिन्ह एलाट किया था वहीँ आज शिंदे गुट को आज तलवार-ढाल सिंबल दिया है.
बता दें कि शिंदे गुट ने पहले जो तीन विकल्प दिए थे उन्हें चुनाव आयोग ने रिजेक्ट कर दिया था, उसके बाद शिंदे गुट द्वारा पेश किये तीन और विकल्पों में चुनाव आयोग ने उसे दो तलवार और ढाल वाला चुनाव निशान आबंटित किया है, वहीँ शिंदे गुट को उनकी पार्टी का नाम कल ही मिल गया था, शिंदे गट को निर्वाचन आयोग ने बालासाहेबंची शिवसेना का नाम आबंटित किया था. उद्धव गुट को पार्टी का नाम और निशाँ कल ही मिल गया था, उद्धव गुट की पार्टी का नया नाम शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे रखा गया है वहीँ उनका चुनाव निशान है टार्च और मशाल।
बता दें कि एकनाथ शिंदे गुट द्वारा दिए गए पहले तीन विकल्पों में चुनाव आयोग ने दो त्रिशूल और गदा को तो सीधे तौर पर रिजेक्ट कर दिया क्योंकि वह धार्मिक निशान थे वहीँ तीसरा वाला सिंबल चूंकि डीएमके के चुनाव चिन्ह से मेल खा रहा था इसलिए उसे भी स्वीकार नहीं किया गया. बता दें कि दोनों गुट असली शिवसेना होने का दावा कर रहे हैं और आगामी उप चुनाव और BMC इलेक्शन में शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ना चाह रहे थे, मामला निर्वाचन आयोग के पास था. इससे पहले यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मगर इस मामले में उसने हस्तक्षेप से मना कर दिया था.

