कल बुधवार 21 सितंबर को एकादशी है। बुधवार के दिन पड़ने के कारण इसको बुधवारी एकादशी भी कहा जाता है। इस बार एकादशी आज 20 सितम्बर 2022 मंगलवार को रात्रि 09ः27 से 21 सितम्बर, बुधवार को रात्रि 11ः34 तक रहेगी। शास्त्रों में एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं माना गया है। जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान करने से होता है। उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है। कहा जाता है कि एकादशी का व्रत करने से जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य व्रत से होता है। एकादशी करने वालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और परिवार वालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं । इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है। इस व्रत के करने से धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि भी होती है।
इससे कीर्ति बढ़ती है और श्रद्धा-भक्ति भी बढ़ती है। जिससे जीवन रसमय बनता है। एकादशी को दिन दिया जलाकर विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें। विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो 10 माला गुरुमंत्र का जप कर लें। अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जाएंगे। ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे स
