पौडी। गढ़वाल में बारिश ने तबाही मचाई है। गढ़वाल के जौनसार बावर,रवांई घाटी और गैरसैंण के आगरचट्टी में घरों, दुकानों और खेतों को बारिश से भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश के चलते आए सैलाब में 13 से अधिक आवासीय मकान और आठ दुकानें बुरी तरह से तहसनहस हो गई हैं। टौंस नदी और यमुना का जल स्तर तेजी से बढ़ने से छह बिजली परियोजनाएं बुधवार मध्य रात्रि से ठप पड़ी हुई हैं। जिसके चलते अधिकांश गढ़वाल अंधेरे में डूबा हुआ है। वहीं पुरोला के कुमोला खड्ड में देर रात सैलाब में एक एटीएम सहित आठ दुकानें पानी के बहाव में बह गईं। इसके अलावा कई दुकानें और मकान भी खतरे की जद में आ गए हैं। तहसीलदार शीशपाल सिंह असवाल के मुताबिक सैलाब में पीएनबी एटीएम बह गया। इसमें 24ः50 लाख रुपये का कैश था। एटीएम को तलाशा जा रहा है। वहीं बड़कोट के देवल गांव में भू.धंसाव से चार मकान पर खतरा मंडरा रहा है। कालसी ब्लॉक के मसराड़ गांव में अनाज संग्रहण केंद्र,प्राइमरी स्कूल आटा चक्की, दुकान मलबे में बुरी तरह से दब गए हैं। गैरसैंण के आगरचट्टी में नदी और नालों के उफान से आए गदेरे ने तीन मकान धराशायी कर दिए हैं। दस मकानों में मलबा घुस गया है।
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उत्तराखंड में बारिश के कारण 129 सड़कें बंद हो गई हैं। लोनिवि के अभियंता अयाज अहमद ने जानकारी दी है कि सड़कों को खोलने के लिए 150 जेसीबी मशीनों को लगाया है। राज्य में 17 प्रमुख राज्य मार्ग बंद हैं। इन्हें खोलने के प्रयास जारी हैं। पर्यटन नगरी मसूरी में रात से मूसलाधार बारिश से शहर और इसके आसपास कई सड़कें बाधित हो गईं है। दून-मसूरी मार्ग पर कई जगह पहाड़ी से बोल्डर और मलबा आने से बाधित हुआ। हालांकि, जेसीबी से सड़क खुलवाई गई थी। लेकिन गजी बैंड के पास पेड़ गिरने से दून.मसूरी मार्ग फिर से बाधित हो गया है। लंढौर घंटाघर से सिविल अस्पताल जाने वाले मार्ग में पहाड़ी दरकी तो उसका मलबा नीचे आने से करीब आधा घंटा तक मार्ग बंद रहा। सूचना मिलने पर जेसीबी से मलबा हटाया गया है। टिहरी बाईपास एनएच लक्ष्मणपुरी के पास पहाड़ी दरकने से सड़क दो घंटे बंद रही। एनएच अफसरों के नहीं पहुंचने पर लोगों ने सड़क से बोल्डर और मलबा को खुद ही हटाया। मसूरी से हाथीपांव जाने वाले मार्ग पर धुमनगंज में पहाड़ी बोल्डर गिरने से सड़क आज सुबह से बंद है।
