UGC के शीर्ष अधिकारी और टीम ने “शिक्षा में सार्वभौमिक मानव मूल्यों” के लिए एआईसीटीई के साथ नई पहल की शुरुआत की गयी है। बता दें कि 30 अप्रैल 2022 को UGC के सभी प्रमुख कर्मियों के लिए एआईसीटीई द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। वहीं इस कार्यक्रम की शुरुआत UGC और एआईसीटीई के उच्च अधिकारियों द्वारा औपचारिक उद्घाटन के साथ की गई।
वहीं इसमें उच्च शिक्षा का शीर्ष निकाय, न केवल शिक्षा में सुधार के लिए बल्कि शिक्षा में सार्वभौमिक मानव मूल्यों को शामिल करके छात्रों के समग्र विकास के लिए भी तत्पर है, ऐसा बतलाया गया है। आगे बतलाते हुये कहा गया कि यह समग्र सामाजिक परिवर्तन पर आधारित भारत के विश्व गुरु की ओर बढ़ाने हेतु कदम है।
वहीं इस चर्चा को आगे बढ़ाते हुये कहा गया कि सभ्यतागत परिवर्तन एक आवश्यकता है और इसके लिए एक समग्र मानवीय विश्व दृष्टि अत्यंतआवश्यक है। मूल्य आधारित जीवनयापन के लिए मूल्य आधारित शिक्षा की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है। वहीं आगे बतलाते हुये कहा गया कि मूल्य शिक्षा से लेकर मूल्य-आधारित शिक्षा तक और अंत में, मूल्य-आधारित जीवन-यापन समय की आवश्यकता भी है।
वहीं इस कार्यशाला में इस पर भी जोर दिया गया कि यह परिवर्तन सभी हितधारकों-शिक्षकों और छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों और नीति निर्माताओं, माता-पिता और परिवारों और अंततः पूरे समाज में अपनी प्रणालियों के साथ लाया जायेगा इसके साथ UGC और एआईसीटीई ने शिक्षा के जरिए यह बदलाव लाने की पहल की है, जिसे एनईपी 2020 के साथ भी जोड़ा जायेगा। UGC के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार और एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे ने भी यहाँ अपने विचारों को साझा किया।

