राजस्थान में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर नयी पॉलिसी तैयार की है, जिसके बाद अब शिक्षकों का इंतजार और भी बढ़ सकता है। दूसरी ओर इस पॉलिसी के लागू होने के पहले ही शिक्षकों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है, जहाँ इसको लेकर अब शिक्षक और शिक्षा विभाग दोनों ही मुख्य सचिव के फैसला का बेसब्री से इंतजार कर रहें हैं।
जानकारी के अनुसार शिक्षामंत्री बीड़ी कल्ला ने 6 महीने पहले नयी ट्रांसफर नीति के तहत ही शिक्षकों के ट्रांसफर की बात कही थी, जिसके लिये शिक्षा विभाग ने पहले से ही काम करना शुरू कर दिया था। वहीं इस पॉलिसी को तैयार करने के बाद इसे मुख्य सचिव की कमेटी के पास भेजा गया है, वहीं मुख्य सचिव कमेटी अब इसमें विचार-विमर्श करके ही इसे कैबिनेट में भेजेगी। वहीं इस पॉलिसी को इसके बाद कैबिनेट में मंजूरी के कुछ समय बाद ही लागू किया जा सकेगा, ऐसे में 3 से 4 साल से अटके शिक्षकों को और भी इंतजार करना पड़ सकता है।
वहीं इसको लेकर शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जहाँ वह व्यापक रूप से इसका विरोध कर रहें हैं। दूसरी तरफ जिन शिक्षकों ने अभी ट्रांसफर के लिये आवेदन कर दिया है, उन्हें फिर से आवेदन करना होगा, क्योंकि पॉलिसी के अप्रूवल के बाद ही इसके लिये नये आवेदन माँगे जायेंगे।

