नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज गुरुवार को छत्तीसगढ़ के आईएएस अधिकारी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लांड्रिंग मामले में की। वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल में कथित शिक्षक भर्ती घोटाले में टीएमसी विधायक और पश्चिम बंगाल बोर्ड आफ प्राइमरी एजुकेशन के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य को भी गिरफ्तार किया है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने उन्हें 25 अक्टूबर तक के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
ईडी ने अपनी तीसरी कार्रवाई में कोरबा एवं रायगढ़ के जिलाधिकारियों के कार्यालय में खनन विभाग का सर्वे किया जा रहा है। ईडी ने राणा अय्यूब के खिलाफ पीएमएलए के तहत स्पेशल कोर्ट, गाजियाबाद में 12 अक्टूबर को अभियोजन शिकायत दर्ज की थी। उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था जिसमें आरोप लगाया था कि उसने एक ऑनलाइन क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म,केटो पर फंड-रेज़र अभियान शुरू करके चेरिटी के नाम पर जनता से अवैध रूप से धन प्राप्त किया।
एजेंसी ने कहा कि ईडी ने जांच में पाया कि राणा अय्यूब ने आम जनता को धोखा देने के इरादे से धन जुटाने के अभियान शुरू किया था। इसी के साथ ही बैंक खातों में सावधि जमा और शेष राशि के रूप में अपराध की आय अर्जित की थी।
जांच के मुताबिक आनलाइन प्लेटफार्म पर जुटाई धनराशि राणा अय्यूब के पिता और बहन के खाते में आई। जो बाद में उनके निजी खाते में स्थानांतरित कर दी गई। अय्यूब ने अपने लिए इसमें से 50 लाख रुपये की एफडी बनाने के लिए धन का उपयोग किया और 50 लाख रुपये एक दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दिए। राहत कार्य के लिए लगभग 29 लाख रुपये का भी उपयोग किया है।

