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आर्थिक गतिविधियां गिरकर जून 2020 के स्तर पर आईं


आर्थिक गतिविधियां गिरकर जून 2020 के स्तर पर आईं

नई दिल्ली: जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चलते भारत की विकास दर के अनुमानों में भारी कटौती कर दी है. कंपनी ने 2021-22 के दौरान भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर 10.8 फीसदी कर दिया है. इससे पहले नोमुरा ने मौजूदा कारोबारी साल के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के 12.6 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद जाहिर की थी. कंपनी ने यह भी कहा है कि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण हो रहे लॉकडाउन का भारतीय अर्थव्यवस्था की रिकवरी पर काफी बुरा असर पड़ रहा है. नोमुरा के मुताबिक फिलहाल देश में आर्थिक गतविधियां गिरकर उस स्तर पर आ गयी हैं, जहां वो जून 2020 में थीं.

जापानी ब्रोकरेज फर्म के आकलन के मुताबिक 9 मई को खत्म सप्ताह के दौरान आर्थिक गतिविधियां महामारी से पहले के स्तर के मुकाबले महज 64.5 फीसदी फीसदी रह गई हैं. हालात इतने खराब हैं कि सिर्फ एक हफ्ते के दौरान आर्थिक गतिविधियों में 5 फीसदी की भारी गिरावट देखी जा चुकी है.

नोमुरा का कहना है कि उसने भारत के जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमानों में जो कटौती की है वह लॉकडाउन की वजह आर्थिक गतविधियों में आ रही सुस्ती का नतीजा है. कंपनी का मानना है कि इसका असर अप्रैल-जून 2021 की तिमाही के दौरान आर्थिक विकास दर की धीमी पड़ती रफ्तार के रूप में भी नजर आने की आशंका है. कंपनी के मुताबिक वैक्सीनेशन, ग्लोबल रिकवरी और वित्तीय परिस्थितियों में सुधार जैसी सकारात्मक बातों के बावजूद स्थानीय परिस्थियों का बुरा असर अप्रैल से जून की तिमाही में देखने को मिलेगा.

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