उत्तर प्रदेश विधान सभा के बजट सत्र 2024-25 के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले अयोध्या की गलियों में गोलियों की तड़तड़ाहट होती थी, कर्फ्यू लगता था, परिक्रमाओं को रोका जाता था, रामनामी गमछा ओढ़ने वाले को गिरफ्तार करके जेल में बंद कर दिया जाता था लेकिन आज अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट है। आज हमसे पूरा देश एक नई अपेक्षा रखता है, आज पूरी दुनिया अयोध्या आना चाहती है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश को कोई नहीं पहचानता था। 2017 के पहले यूपी से बाहर युवाओं को नौकरी नहीं थी। आज हर कोई यूपी आने का इच्छुक है। सीएम योगी ने पूछा कि पिछली सरकारों द्वारा किस मंशा से विकास कार्य रोके गए थे। आज महापुरुषों के नाम पर काम हो रहे हैं। पहले विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन होता था। अयोध्या में माता शबरी के नाम पर रसोई संचालित है। उन्होंने कहा कि, पांडवों ने 5 गांव की मांग की थी, लेकिन हिंदू तो 3 जगह की मांग कर रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि, हमने पुलिस रिफॉर्म में कमीशन गठित किये। साइबर थाने का गठन किया। लखनऊ में फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की। पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई गयी। एसडीआरएफ का गठन किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, आज ‘भव्य-नव्य-दिव्य’ श्री अयोध्या जी को देखकर के हर व्यक्ति अभिभूत है। 31 हजार करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट अयोध्या में चल रहे हैं। इसमें धर्मपथ, श्रीराम पथ, भक्ति पथ, जन्मभूमि पथ का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सिंगल लेन की सड़कें 4 लेन की हो गई हैं। वहां पर रामघाट-नया घाट नए स्वरूप में आ चुके हैं