- आरोपी बुलेट सवार दीपक और राजू ने बुलेट को करवा दी थी मोडिफाइड
- बुलेट, टायर, नम्बर प्लेट और हेलमेट बरामद
- बुलन्दशहर में पहली बार हुई डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस
बुलंदशहर: अमेरिका में पढ़ने वाली होनहार छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत के मामले में पुलिस को आखिरकार घटना के 5 दिन बाद सफलता मिल ही गई। एसआईटी की टीम ने आरोपियों को कोतवाली देहात के यमुनपुरम स्थित एआरटीओ कार्यालय के पास से गिरफ़्तार कर लिया।
एसएसपी और डीएम ने प्रोजेक्टर की मदद से पहली बार डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी घटना का खुलासा किया है। पुलिस खुलासे में सामने आया कि सुदीक्षा की मौत महज सड़क हादसे में हुई थी,जबकि पुलिस जांच में यह भी साफ हो गया कि सुदीक्षा के साथ छेड़छाड़ जैसी कोई घटना नहीं हुई थी।
डिजिटल प्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने प्रोजेक्टर के द्वारा नक्शे की मदद से मीडियाकर्मियों को घटना की बारीकी से जानकारी दी। एसएसपी ने यह भी बताया कि बुलेट सवारों ने कौन से पेट्रोल पम्प से तेल भरवाया और बुलेट सुदीक्षा की बाइक से कितनी दूर चल रही थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सड़क हादसे में सुदीक्षा की मौत हुई थी और इनके द्वारा सुदीक्षा के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कि गई थी। बुलन्दशहर पुलिस अधिकारी भी दावा कर रहे हैं कि एसआईटी की जांच में भी छेड़छाड़ की कोई बात सामने नहीं आई है।
पुलिस का दावा है कि पकड़े गए एक बुलेट सवार आरोपी की उम्र लगभग 56 साल है और वह कांट्रेक्टर के यहां काम करता है। पुलिस के मुताबिक आरोपी 10 अगस्त को राज मिस्त्री राजू को लेकर काली बुलेट से निमार्णाधीन साइट पर जा रहा था।
औरांगबाद चारोरा मुस्तफाबाद के पास उसकी बुलेट बाइक के सामने अचानक हरे रंग का आॅटो और भैंसा बुग्गी आ गई। जिसकी वजह से यह हादसा हुआ और इस हादसे में सुदीक्षा की मौत हो गई।
पुलिस का दावा है कि मामला बहुचर्चित हो जाने से दीपक डर गया था और इसलिए उसने बुलेट को मॉडिफाइड करा दिया था। इतना ही नहीं किसी को शक न हो, इसलिए दीपक ने टायर, सायलेंसर और जाट लिखी नम्बर प्लेट भी हटवा दी थी।
पुलिस ने राजू और दीपक की निशानदेही पर मोडिफाइड बुलेट बाइक, सायलेंसर, हेलमेट, नंबर प्लेट और टायर बरामद कर लिए हैं।
आपको बता दें सुदीक्षा भाटी की मौत सड़क हादसा था या कुछ और इस मामले की जांच के लिए एसआईटी की टीम का गठन किया गया था। एसआईटी प्रभारी सीओ सिटी दीक्षा सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल में कई अहम सुराग हाथ लगे। पुलिस की मानें तो सीसीटीवी फुटेस और सर्विलांस की मदद से पुलिस आरोपी बुलेट सवारों को पकड़ पाई। इनमें 56 साल का राजू मिस्त्री और दीपक चौधरी है।
जहां पुलिस ने घटना से जुड़े सभी प्रत्यक्षदर्शियों को मीडिया के सामने खड़ा किया तो वहीं 10 हजार 700 बुलेट खंगालने के बाद सुदीक्षा के गुनहगार बुलेट राजा को गिरफ़्तार कर लिया गया। पुलिस ने प्रेसवार्ता करते हए आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि पुलिस जांच के बाद भी दावा कर रही है कि सुदीक्षा के साथ छेड़छाड़ जैसी कोई वारदात नहीं हुई थी।
सीओ और एसपी सिटी का अहम रोल
सुदीक्षा की मौत से पर्दा उठाने में एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव और सीओ दीक्षा सिंह का अहम रोल रहा। सीओ और एसपी ने परिवहन विभाग से बुलंदशहर में पंजीकृत 10719 बुलेट बाइक्स का रिकार्ड निकलवाया और जांच की लेकिन पुलिस को इससे कवायद से खास लाभ नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने सुदीक्षा की बाइक का टारगेट किया और रास्ते में पड़ने वाले सभी सीसीटीवी की पड़ताल की। पुलिस को कई सीसीटीवी में सुदीक्षा की बाइक के आगे बुलेट सवार दो युवकों को देखा। पुलिस ने जिस समय बुलेट सवारों को देखा गया उस समय के मोबाइल नम्बरों को ट्रेस किया गया। इसके बाद पुलिस की टीम आरोपी दीपक निवासी कुर्ला गुलावठी और राजू निवासी भूड़ तक पहुंची।
नहीं हुई थी छात्रा से छेड़छाड़ :चश्मदीद
जिस समय सुदीक्षा की बाइक बुलेट मोटरसाइकिल से टकराई थी, उस समय भैंसा बुग्गी सवार बुजुर्ग दंपति और बाइक सवार हेमंत शर्मा नाम के युवक ने हादसे को देखा था। दंपति और हेमंत शर्मा का साफ तौर पर यही कहना है कि हादसा टेंपो और बुग्गी के सामने अचानक आ जाने के कारण हुआ। छेड़छाड़ की घटना को अंजाम नहीं दिया गया था। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपियों के साथ चश्मदीदों को भी मीडिया कर्मियों के सामने पेश किया।

