- सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज
- कप्तान साहब बताएँगे की मैं कौन हूँ
न्यूज़ डेस्क : जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर गुर्जर के पिता को पुलिसकर्मियों ने लॉक डाउन में रोक लिया, जिस पर वह आपा खो बैठे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को खूब खरी-खोटी सुनाते हुए एक मिनट में ठीक करने की बात कही। पुलिसकर्मियों को बेअकल और अनपढ़ बताते हुए खुद को जिले का प्रथम नागरिक तक बता दिया। हालांकि बाद में पुलिस ने उनके खिलाफ लॉकडाउन के उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया।
मामला कुछ ये था कि रविवार सुबह सिविल लाइन थाना पुलिस जेल चुंगी चौराहे पर चेकिंग कर रही थी। तभी जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर गुर्जर के पिता मुखिया गुर्जर सरकारी गाड़ी से आ रहे थे। पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। यह बात उनको इतनी नागवार गुजरी की वह भड़क गए। पुलिसकर्मियों ने पूछा कि वह कहां से आ रहे हैं, क्या उनके पास कोई पास है तो वह आपा खो बैठे। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि तुम जानते नहीं किससे पंगा ले रहे हो, मैं जिम्मेदार आदमी हूं। जिले का प्रथम नागरिक हूं। जिला पंचायत अध्यक्ष क्या होता है, तुम्हें इतना भी नहीं पता। पुलिस में अनपढ़ भर्ती हो गए हैं। कप्तान साहब बताएँगे की मैं कौन हूँ। इसके बाद पुलिस मुखिया गुर्जर को सिविल लाइन थाने ले आई। जहां समन्धित धाराओं में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि उन्हे थाने से ही छोड़ दिया गया। वीडियो को लेकर शहर में तरह तरह की चर्चाएं हैं, कोई मुखिया गुर्जर के व्यवहार को गलत बता रहा है तो कोई पुलिसकर्मियों के तरीके पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

