सीएए और एनआरसी का किया था राहत ने विरोध
मुशायरे के दौरान खुले तौर पर की सरकार की मुखालफत
खालिद इक़बाल
“साथ चलना है तो तलवार उठा मेरी तरह,
मुझसे बुज़दिल की हिमायत नहीं होने वाली…”
यही शब्द थे शायर राहत इंदौरी के, जब वह जनवरी महीने में हैदराबाद में सीएए-एनआरसी के खिलाफ आयोजित मुशायरे में शिरकत करने पहुंचे थे। राहत इंदौरी ने खुले तौर पर केंद्र सरकार के विवादित नागरिकता संशोधन अधिनियम की मुखालफत की थी।
राहत इंदौरी (70) का मंगलवार शाम निधन हो गया। एआईएमआईएम चीफ और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, ‘राहत इंदौरी के देहांत की खबर सुनकर स्तब्ध हूं। यह एक निजी नुकसान है। अल्लाह उन्हें मगफिरत फरमाएं और उनकी कब्र को रौशन करें।’ उन्होंने 25-26 जनवरी की वह क्लिप भी शेयर की जिसमें उन्होंने अपने शेर के जरिए केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।
बेबाक अंदाज में अपनी बात रखने के लिए मशहूर शायर राहत इंदौरी का मंगलवार शाम निधन हो गया। रविवार को तबीयत बिगड़ने के बाद वह इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे। उसके बाद उनका कोविड टेस्ट हुआ था। कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें अरबिंदो अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अरबिंदो में भर्ती होने के बाद उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई और मंगलवार शाम करीब 5 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली।

