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मनमोहन का पीएम मोदी से आग्रह, जवानों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए


मनमोहन का पीएम मोदी से आग्रह, जवानों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए

शब्दों को लेकर सतर्क रहने की नसीहत भी दी

नई दिल्ली: लद्दाख में चीनी और भारतीय सेना में हिंसक झड़प के बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बयान जारी किया है उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि भारतीय जवानों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए।

जवानों की शहादत को पूरा न्याय मिले
बयान में मनमोहन सिंह ने साथ ही कहा है कि शहीद कर्नल संतोश बाबू और अन्य जवानों की शहादत को पूरा न्याय मिले, ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री को अपने बयान से चीन के षडयंत्रकारी रुख को बल नहीं देने को भी कहा। मनमोहन सिंह ने कहा कि पीएम को अपने शब्दों को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

भ्रामक प्रचार से बचें
मनमोहन सिंह ने लिखा है, ‘हम सरकार को आगाह करेंगे कि भ्रामक प्रचार कभी भी कूटनीति तथा मजबूत नेतृत्व का विकल्प नहीं हो सकता। पिछलग्गू सहयोगियों द्वारा प्रचारित झूठ के आडंबर से सच्चाई को नहीं दबाया जा सकता।’ मनमोहन सिंह ने लिखा, ‘हम प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वक्त की चुनौतियों का सामना करें और कर्नल बी. संतोष बाबू और हमारे सैनिकों की कुर्बानी की कसौटी पर खरा उतरें, जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और भूभागीय अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इससे कुछ भी कम जनादेश से ऐतिहासिक विश्वासघात होगा।’

भूभागीय अखंडता से समझौता स्वीकार नहीं
मनमोहन सिंह ने लिखा, ‘चीन ने अप्रैल 2020 से अनेक बार घुसपैठ की कोशिश की है। हम न उनकी धमकियों और दबाव के आगे झुकेंगे और न ही भूभागीय अखंडता से समझौता स्वीकार करेंगे।’

शब्दों को लेकर सावधानी बरतें
मनमोहन सिंह ने साथ ही लिखा, ‘हम इतिहास के एक नाजुक मोड़ पर खड़े हैं। हमारी सरकार के निर्णय और सरकार की ओर से उठाए गए कदम तय करेंगे कि भविष्य की पीढ़िया हमारा आंकलन कैसे करेंगी। जो देश का नेतृत्व कर रहे हैं, उनके कंधों पर कर्तव्य का गहन दायित्व है। प्रधानमंत्री को अपने शब्दों और ऐलानों से देश की सुरक्षा और सामरिक व भूभागीय हितों पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति हमेशा बेहद सावधान रहना चाहिए।’

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