मेरठ। मेरठ मंडल की आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने कहा कि कोरोना के भर्ती किए मरीजों के हर केस की गहनता से जांच की जाए। जनपद में कोरोना के बढ़ते संक्रमण और मरीजों की मौत पर चिंता जताते हुए आयुक्त ने इसे रोकने की बात कही।
कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने जनपद में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने और उनकी मौत पर चिंता जताई।
आयुक्त ने कहा कि कार्ययोजना बनाकर इसे रोका जाए। जनपद में प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना के मरीजोें का इलाज शुरू किया जाए। सीएमओ कोरोना संक्रमण की ठीक मॉनिटरिंग करें। आयुक्त ने बताया कि उन्होंने आईसीएमआर दिल्ली से कोरोना मरीजों की जांच के लिए मेरठ मंडल के लिए पांच लाख एंटीजन किट की मांग की है।
उन्होंने कहा कि मरीजों की जांच के लिए आरटीपीसीआर तकनीक से जांच को बढ़ाया जाए। आयुक्त ने कहा कि कमांड एंड कंट्रोल सेन्टर से प्राईवेट हॉस्पिटल से प्रत्येक दिन कोरोना मरीजों की अद्यतन स्थिति के बारे में पूछा जाए।
मेरठ में कोरोना मरीजों में रेमडेसिवर दवा का उपयोग भी किया जाए। आयुक्त ने होम आईसोलेशन में भर्ती मरीजों के बारे में जानकारी ली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि कंटेनमेन्ट जोन में एक्टिव केस सर्च विभाग द्वारा चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने कहा कि प्रदेश सरकार, केन्द्र सरकार व आईसीएमआर द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निदेर्शों का पालन जनपद में कराया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार आदि मौजूद थे।

