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घर बैठे मरीजों का ई-संजीवनी ऐप से होगा इलाज


घर बैठे मरीजों का ई-संजीवनी ऐप से होगा इलाज

अस्पतालों में भीड़ और दबाव कम करने में सहायक होगा ऐप, जनपद के 64 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर शुरू होगी योजना

बुलंदशहर। कोरोना काल में सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए अब अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए शासन ने अलग पहल करते हुए ई-संजीवनी ऐप शुरू किया है। इसके तहत टेलीमेडिसन सेवा को विस्तार देते हुए ई -संजीवनी ऐप ओपीडी सेवा आरंभ की है।

अस्पतालों में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराने और भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह पहल की गयी है। ई-संजीवनी ऐप को लेकर शासन का साफ कहना है कि इसमें मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। ऐसे में ऐप के माध्यम से सुलभता और सरलता से नियमों का पालन किया जाएगा।

ऐसे करें ऐप डाउनलोड: र्ई-संजीवनी ऐप या वेबसाइट के जरिये स्वयं का रजिस्ट्रेशन करके ओपीडी सेवा का लाभ लिया जा सकता है। ई-संजीवनी ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप में चिकित्सक को कॉल करने की सुविधा है।
जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उनके लिए उप केन्द्र स्तर पर हेल्थ एवं वेलनेस सेन्टर पर कार्यरत सीएचओ व एएनएम टेबलेट का उपयोग कर रजिस्ट्रेशन कराएंगे मरीज को पुरानी रिपोर्ट, एक्सरे या अल्ट्रासांउड दिखाना है तो उसे ऐप पर ही अपलोड कर दिखाया जा सकता है। जो पर्ची डाक्टर देंगे उसमें डिजिटल साइन भी होंगे ताकि मरीज को दवा या जांच में किसी प्रकार की परेशानी न आए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भवतोष शंखधार ने बताया ई-संजीवनी टेलीमेडिसन के तहत सेवा आरंभ की गयी है। ओपीडी की सुविधा उपलब्ध कराने को जिला अस्पताल में एक सिस्टम लगाया जाएगा, जिसमें चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। ई-संजीवनी के संचालन के लिए 64 सीएचओ लगाए गए हैं। जनपद के 58 केंद्रों पर दवा भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें 62 जांच केंद्रों पर हाइपरटेंशन की जांच होगी। उन्होंने बताया जिला अस्पताल में पहले से ही टेलीमेडिसिन ओपीडी चल रही है।

उन्होंने ने बताया कि ई-संजीवनी योजना टेलीमेडिसन के तहत शुरू की गयी है। कोरोना काल में सामान्य बीमारियों का घर बैठे ही इलाज किया जा सके, इसके लिये यह सुविधा दी जा रही है। इसके लिये विभागीय चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों का डाटा एकत्र किया जा रहा है। जनपद में 64 उपकेंद्र पर सीएचओ की मद्द से योजना को शुरू की जाएगी।

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