मेरठ। चीन-भारत की सीमा पर चीनी और भारतीय सैनिकों की झड़प में गलवान घाटी में मेरठ का लाल शहीद हो गया है. शहीद का नाम हवलदार बिपुल रॉय है. गौरतलब है कि 15 जून की रात भारत ने चीन की घुसपैठ के बाद चीन के खिलाफ सेना ने खोल मोर्चा था. दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए, जबकि चीन की ओर से 43 सैनिकों के मारे जाने या घायल होने की खबर है. बता दें कि विपुल की शहादत से पूरे मेरठ शहर में गम का माहौल है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने सैनिकों की वीरता को नमन किया और कहा कि उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अदम्य साहस एवं शौर्य का परिचय देकर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को सदैव याद रखा जाएगा.
हर संभव मदद का भरोसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिक यूपी के मेरठ निवासी हवलदार बिपुल रॉय की शहादत को शत्-शत् नमन. मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं. शोक की इस घड़ी में राज्य सरकार शहीद के परिवार के साथ है और शहीद के परिवार को हर सम्भव मदद प्रदान की जायेगी.
बंगाल में होगा अंतिम संस्कार
गलवन घाटी में चीन की सेना की करतूत से शहीद हुए हवलदार विपुल रॉय की पत्नी रुम्पा राय मेरठ के रोहटा रोड स्थिति कुंदन कुंज में रहती हैं. पति के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद सेना रुम्पा को मेरठ से दिल्ली लेकर जा रही है. दिल्ली से वह पति बिपुल रॉय के पार्थिव देह के साथ होम टाउन अलीपुर जाएंगी. अंतिम संस्कार वहीं होगा.

