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गगोल तीर्थ स्थल पर 5151 जलाए जाएंगे दीपक, 5100 भगवा ध्वज


गगोल तीर्थ स्थल पर 5151 जलाए जाएंगे दीपक, 5100 भगवा ध्वज

मेरठ महानगर में 500 स्थानों पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का होगा पाठ

मेरठ। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में 5 अगस्त को होने वाले भूमि पूजन की तैयारियां जोरों पर हैं, पूरे देश के साथ-साथ मेरठ में भी सिर्फ राम नाम की धुन दिखाई दे रही है।

इस कड़ी में मेरठ की प्रसिद्ध पवित्र तीर्थ स्थली गगोल तीर्थ की मिट्टी को अयोध्या भेजा गया है।गगोल तीर्थ स्थली पर कई दिनों से राम भक्तों के द्वारा भजन,कीर्तन, सत्संग किये जा रहे हैं, और 5 अगस्त को अयोध्या में होने वाले भूमि पूजन को लेकर गगोल तीर्थ स्थली पर तैयारियां तेज हो गई हैं।

गगोल तीर्थ स्थल पर 5151 दीपक जलाए जाएंगे, पूरी गगोल तीर्थ स्थली को भगवा पताकाओं से भगवा रंग में रंग दिया जाएगा, आसपास के ग्रामीण 5 अगस्त को गगोल तीर्थ स्थली पर रहेंगे और भजन, कीर्तन, सत्संग व सुंदरकांड के पाठ में शामिल होंगे।

विश्व हिंदू परिषद के पूर्व विभाग मंत्री गोपाल शर्मा ने बताया किअंदर विश्व हिंदू परिषद के द्वारा 108000 दीपक जलाए जाएंगे, 5100 भगवा ध्वज लगाए जाएंगे, 500 स्थानों पर हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा।

इसी प्रकार बालाजी धाम शनि मंदिर में भी 5 अगस्त को भजन, कीर्तन, सत्संग किया जाएगा तथा 1008 दीपक जलाए जाएंगे। औघड़नाथ मंदिर पर भी दीपक जलेंगे और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

गोपाल शर्मा ने बताया कि 5 अगस्त को पूरे मेरठ के अंदर अच्छी प्रकार से साफ सफाई का ध्यान रखा जाएगा, सभी के घरों पर भगवा पताकाये लहरा रही होंगी।

मेरठ के प्रमुख चौराहों जैसे शॉप्रिक्स मॉल चौक, हनुमान चौक बॉम्बे बाजार मेरठ, शिव चौक आबूलेन, तेजगढ़ी चोक इसी प्रकार से अन्य चौक पर साफ सफाई कर कली – चूना डाला जाएगा, सुंदर रंगोलियां बनाई जाएंगी, भगवा पताकायें लगाई जाएंगी।

मेरठ वासी 5 अगस्त को दीपावली पर्व की तरह मनाने वाले हैं, सभी लोग हर्षोउल्लास के साथ भगवा पताकायें व दीपक खरीद रहे हैं। सभी लोग 5 अगस्त को दीपावली पर्व की तरह बड़े ही हर्षोउल्लास से मनाने वाले हैं।

5 अगस्त को मंदिरों में भजन, कीर्तन, सत्संग व सुंदरकांड के पाठ किए जाएंगे, लोग अपने घरों में पूजा-अर्चना करेंगे यह बड़े ही सौभाग्य का विषय है कि 5 अगस्त से पुन: राम राज्य की स्थापना होने जा रही है। त्रेता युग में राम चंद्र जी राजा थे उसी प्रकार अब कलयुग में पुन: रामराज आने वाला है और अशोक सिंघल जी का सपना पूरा होने वाला है।

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