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कांच की एक प्लेट पर लिखी रामचरित मानस इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज


कांच की एक प्लेट पर लिखी रामचरित मानस इंडिया बुक ऑफ  रिकार्ड में दर्ज

शिक्षक ने समय क सदुपयोग कर हापुड़ का नाम किया रोशन
हापुड । कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान श्री शांति स्वरूप इंटर कॉलिज के एक अध्यापक ने वक्त का सदुपयोग करते हुए पांच सौ घंटे में कांच की प्लेट पर सुईं की कलम से पूरी श्री रामचरित्र मानस ही लिख डाली । जिसके बाद 22 जुलाई को उनके बेटे ने ऑनलाइन इंडिया बुक ऑफ रोकोर्ड में एप्लाई किया तो उक्त कार्य को इंडिया ऑफ बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया । इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होने के बाद इसका विमोचन कार्यक्रम रखा गया जिसमे हापुड़ बीजेपी से विधायक विजयपाल आढ़ती, नगरपालिका चैयरमेन प्रफुल्ल सारस्वत, सांसद प्रतिनिधि राजीव अग्रवाल सहित शहर के गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

रामचरित मानस लिखने वाले भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता अजय मित्तल ने बताया की पत्नी-बेटे के सहयोग से इस मुकाम पर पहुंचा हूं। जो जनपद हापुड़ के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि उन्हें कांच की प्लेट पर श्री रामचरित्र मानस को लिखने में करीब 500 घंटे का समय लगा है। एक छोटी सी कांच की प्लेट पर उन्होंने पूरी श्री रामचरित्र मानस लिखी गयी है।

इसके लिए उनकी पत्नी रश्मि मित्तल तथा बेटा हर्षल का अधिक सहयोग रहा है। वो बोलती थी, मैं लिखता था। मेरी आंख कमजोर हो गई थीं। एक बार हिम्मत हार गया था। तो मैने इसको लिखना बंद कर दिया था , लेकिन देश मे कोरोना के कारण जब प्रधानमंत्री ने लॉक डाउन किया तो फिर से पत्नी और बेटे ने सहयोग कर मुझ से इतिहास बनवा दिया। तो वही भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष विकास अग्रवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया की 15 पर रामचरितमानस लिखना कोई आसान कार्य नहीं था लेकिन हमारे शहर के अजय मित्तल द्वारा किया कार्य सराहनीय कार्य है जिसको इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है तो यह हम हापुड़ वासियों के लिए काफी गर्व की बात है।

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