नई दिल्ली। आईपीएल का 13वां सीजन यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच खेला जाएगा. खाली स्टेडियम में आयोजित होने वाले आईपीएल से पहले से ही बीसीसीआई को काफी नुकसान होने वाला है क्योंकि टूर्नामेंट के प्रायोजक वीवो के साथ करार तोड़ने के बाद बीसीसीआई अब नए स्पॉन्सर की खोज शुरू कर हो चुकी है. आईपीएल शुरू होने से ठीक पहले हुए इस नुकसान की भरपाई 40 दिन में कैसे हो पाएगी, ये बड़ा सवाल है। निश्चित रूप से इसका असर आईपीएल पर पड़ेगा।
चीन के साथ बिगड़े हालातों के कारण लिया गया फैसला
जून के महीने में लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद से देशों के बीच रिश्तों में काफी तनाव है. भारत के कई जगहों पर चीन के खिलाफ प्रदर्शन किये गये और चीनी सामानों का बहिष्कार का निर्णय किया गया. भारत सरकार ने भी 50 से ज्यादा चाइनीज ऐप्स को देश में बैन कर दिया है.
कई बड़ी चीनी कंपनियों के टेंडर रद्द कर दिये गये हैं. सोशल मीडिया पर फैन लगातार बीसीसीआई को निशाने पर ले रहे थे. इसके बाद बीसीसीआई ने वीवो के साथ करार खत्म करने का फैसला किया. वीवो इंडिया ने 2017 में आईपीएल टाइटल प्रायोजन अधिकार 2199 करोड़ रुपये में हासिल किये थे. इससे लीग को हर सीजन में उसे करीब 440 करोड़ रुपये का भुगतान करना था. इस चीनी मोबाइल कंपनी ने सॉफ्ट ड्रिंक वाली दिग्गज कंपनी पेप्सिको को हटाया था, जिसकी 2016 में 396 करोड़ रुपये की डील थी.
बीसीसीआई को होगा 100 करोड़ से ज्यादा नुकसान
बीसीसीआई को वीवो से इस सीजन 440 करोड़ रुपए मिलने वाले थे. हालांकि अब जो भी नया स्पॉन्सर चुना जाएगा उससे बीसीसीआई को उतने पैसे नहीं मिलेंगे. इससे स्टार इंडिया को भी काफी नुकसान हो सकता है क्योंकि वीवो और अन्य चाइनीज कंपनी के एडवरटिजमेंट उन्हें मिलेंगे. बीसीसीआई को इस बार टाइटल स्पॉन्सरशिप से महज 250-300 करोड़ ही मिल सकते हैं. इसका मतलब ये है कि बोर्ड को कम से कम 100 करोड़ का नुकसान हो सकता है.
बढ़ सकती है मुश्किल
बीसीसीआई के लिए मुश्किलें इसलिए भी बड़ी हैं क्योंकि उनके पास टूर्नामेंट को कवर करने का इंश्योरेंस नहीं था. नियमों के मुताबिक टूर्नामेंट के लिए कराए इंश्योरेंस स्पॉन्सर के बदल जाने या महामारी के कारण हुए नुकसान की भरपाई नहीं करते. बीसीसीआई को बड़ी रकम का नुकसान उठाना पड़ सकता है लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अपनी कमर कस ली है और विकल्प के तौर अन्य टाइटल स्पॉन्सर कंपनियों से 180 करोड़ तक के समझौते पर रजामंदी देने का मन भी बना लिया है.
2021 में हो सकती है वीवो की वापसी
खबरें ऐसी भी हैं कि वीवो फिर से तीन साल के लिये संशोधित शर्तों पर 2021 से वापसी कर सकता है. हालांकि बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी का इस पर विचार कुछ अलग था. बीसीसीआई के एक अनुभवी अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर भाषा से कहा, ‘हम यहां कूटनीतिक तनाव की बात कर रहे हैं और आप उम्मीद कर रहे हो कि नवंबर में जब आईपीएल खत्म हो जायेगा और अगला आईपीएल अप्रैल 2021 में शुरू होगा तो चीन विरोधी भावना नहीं होगी? क्या हम गंभीर हैं?
बीडिंग प्रक्रिया के जरिए चुना जाएगा नया स्पॉन्सर
इस मामले से संबंध रखने वाले सूत्र ने कहा कि बीसीसीआई आईपीएल-13 के नए प्रायोजक के लिए पूरी पारदर्शिता और प्रक्रिया का पालन करेगी. सूत्र ने कहा, बीसीसीआई जल्द ही आईटीबी निकालेगी. टेंडर प्रक्रिया का पालन किया जाएगा क्योंकि बोर्ड पारदर्शिता में विश्वास रखती है. इन्विटेशन बिड के तहत नीलामी जीतने वाले को यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच यूएई में होने वाले आईपीएल के 13वें सीजन का प्रायोजक नियुक्त किया जाएगा .
नए स्पॉन्सर की लिस्ट है काफी लंबी
सूत्रों की मानें तो आईपीएल के नए टाइटल स्पॉन्सर की लिस्ट काफी लंबी है, जिसमें टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सर कंपनी बायजूज, माय सर्कल 11, एमेजॉन, ड्रीम इलेवन और अनएकेडमी शामिल हैं. हालांकि आईपीएल टाइटल स्पॉन्सर की रेस में बायजूज और ड्रीम इलेवन को सबसे आगे माना जा रहा है, क्योंकि यह दोनों कंपनी पहले से बीसीसीआई के साथ जुड़ी हुई हैं.
इनके बीच है टक्कर
एक ओर बायजूज ने टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सरशिप के तौर पर बोर्ड को 1079 करोड़ रूपए की भारी रकम अदा की थी. तो वहीं दूसरी ओर ड्रीम इलेवन इंडियन प्रीमयर लीग (आईपीएल) का दूसरा आधिकारिक पार्टनर है जो हर सीजन 40 करोड़ की रकम अदा कर बीसीसीआई से करार करता है.

