मेलबर्न।ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी के मुख्य स्तंभ स्टीव स्मिथ अपने करियर को अलविदा कहने से पहले दो चुनौतियों को पार करना चाहते हैं, एक तो चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड को उसकी ही मांद में हराना और दूसरा भारत में टेस्ट सीरीज में सफलता हासिल करना. ऑस्ट्रेलिया ने पिछले साल इंग्लैंड में 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद एशेज बरकरार रखी, लेकिन ओवल में अंतिम टेस्ट में मिली हार अब भी स्मिथ को कचोटती है जो चार टेस्ट में 110.57 औसत से 774 रन बनाकर सीरीज के स्टार रहे थे. 31 साल के इस खिलाड़ी ने 2017 में भारत में चार टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान तीन शतक जड़े थे, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम 1-2 से हार गई थी और विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम पर टेस्ट में जीत उनकी सूची में सबसे ऊपर है. ऑस्ट्रेलिया को अक्टूबर 2022 में भारत का दौरा करना है.
खास होगी उपलब्धि
स्मिथ ने कहा, ‘ये दोनों बड़े पहाड़ हैं जिन्हेंं चढऩा है और अगर आप ऐसा कर सकते हो तो यह काफी विशेष होगा. उम्मीद करता हूं कि मैं ऐसा कर पाऊं, देखते हैं कि हम कैसा करते हैं. मेरी उम्र भी अब बढ़ रही है. नहीं जानता कि कितने और साल का क्रिकेट बचा है और कुछ नहीं कह सकते कि भविष्य में क्या है. लेकिन, इन चीजों का लक्ष्य बना रहेगा, यह निश्चित है. पिछले साल की एशेज सीरीज के बारे में स्मिथ ने कहा, ‘एशेज वापस रखना काफी विशेष था. दुर्भाग्य से हम इसे जीत नहीं सके, जो मैं अब भी करना चाहता हूं. सीरीज के अंत की ओर थे और हम एशेज अपने पास रखे हुए थे, लेकिन अंतिम टेस्ट मैच हार गए, इससे हमने वास्तव में कुछ नहीं जीता. इससे वैसी (जीत जैसी) खुशी महसूस नहीं होती. मेरे व्यक्तिगत नजरिये से देखें तो मेरा काम अभी पूरा नहीं हुआ है. एशेज बरकरार रखना अच्छा था, लेकिन मुझे यह सही नहीं लगता जब आपने इसे जीता ही नहीं हो. हमने सीरीज ड्रॉ की थी, अच्छा था, लेकिन यह शानदार नहीं था

