Site icon Buziness Bytes Hindi

आम बजट: GDP का 2.5% रह सकता है हेल्थ बजट


आम बजट: GDP का 2.5% रह सकता है हेल्थ बजट

नई दिल्ली: 1 फरवरी को पेश हो रहे बजट में सरकार हेल्थकेयर पर खास फोकस कर सकती है. इकोनॉमिक सर्वे से यह संकेत मिल रहे हैं कि इस बार हेल्थ बजट जीडीपी का 2.5 से 3 फीसदी रह सकता है जो लंबे समय से जीडीपी का 1 फीसदी ही बना हुआ है. असल में कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव को देखते हुए देश में स्वास्थ्य का मजबूत इंफ्रास्टकच्र तैयार करने की जरूरत अब समझी गई है. ऐसे में इस बजट में हेल्थ पर सरकार का बड़ा फोकस रहने वाला है. हेल्थ से जुड़ी सरकारी स्कीमों का दायरा बढ़ाने के साथ उन्हें लेकर भी कुछ अहम एलान हो सकते हैं. इसमें आयुषमान भारत योजना और प्रधानमंत्री जनऔषधि जैसी योजनाएं हैं.

असल में कोरोना वायरस महामारी ने पॉलिसी मेकर्स की सोच बदल दी है. इस बत का असर इकोनॉमिक सर्वे 2021 पर भी देखने को मिला है. मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 पर यहां तक कहा कि इस साल का आर्थिक सर्वे देश के कोरोना योद्धाओं को समर्पित है. फिलहाल इकोनॉमिक सर्वे की बात करें तो ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में सरकार अपनी हेल्‍थकेयर पॉलिसी में बड़ा बदलाव ला सकती है. वहीं स्‍वस्‍थ्‍य सेवाओं पर सरकार का खर्च पहले से कई गुना ज्‍यादा रह सकता है.

बजट के पहले ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि राष्ट्रीय डायलिसिस मिशन को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के साथ मिलाया जा सकता है. असल में लॉकडाउन के दौरान PMJAY स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहद कारगर साबित हुआ है. योजना के तहत महामारी और लॉकडाउन के समय भी डायलिसिस जैसी सुविधाएं बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से जारी रही हैं. PMJAY सरकार की आयुषमान भारत योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसे 2018 में समाज के वंचित एवं कमजोर वर्ग को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था.

Exit mobile version