आपदा को अवसर में बदला, अंतरराष्ट्रीय कला प्रतियोगिता में अवार्ड के लिए चुने गए दुर्जन

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आपदा को अवसर में बदला, अंतरराष्ट्रीय कला प्रतियोगिता में अवार्ड के लिए चुने गए दुर्जन

दुर्जन ने दुनिया में बढ़ाया देश का मान

बुलंदशहर। वैश्विक महामारी कोविड-19 विषय पर आधारित अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता में बुलंदशहर के दुर्जन सिंह राणा समेत दुनिया के 20 चित्रकारों को चुना गया है। भारतीय संस्था इंडियन रॉयल अकादमी ऑफ आर्ट एंड कल्चर कर्नाटक द्वारा अंतरराष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता का ऑनलाइन आयोजन किया गया था।

आपदा को अवसर में बदला, अंतरराष्ट्रीय कला प्रतियोगिता में अवार्ड के लिए चुने गए दुर्जन
दुर्जन सिंह राणा

ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता में 13 देशों के 800 चित्रकार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। भारत, बंग्लादेश, अमेरिका, टर्की, रोमानिया, इटली, श्रीलंका, हांगकांग आदि करीब 13 देशों के प्रतिभागियों ने आर्ट का एक से बढ़कर एक नमूना पेश किया। 13 देशों के 800 प्रतिभागियों की पेंटिंग में से बुलंदशहर (यूपी, भारत) के दुर्जन सिंह राणा समेत 20 प्रतिभागियों को सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग्स के लिए चुना गया। दुर्जन सिंह का नाम अवार्ड के लिए चयनित कर लिया गया है। अंतरराष्ट्रीय पटल पर नाम चयनित होने पर न सिर्फ दुर्जन सिंह राणा खुश हैं, बल्कि उनके दोस्त और परिजन भी हर्ष का अनुभव कर रहे हैं। आपको बता दें कि दुर्जन सिंह राणा पब्लिक इंटर कालेज जौलीगढ़ बुलंदशहर में कला के शिक्षक हैं।

आपदा को अवसर में बदला, अंतरराष्ट्रीय कला प्रतियोगिता में अवार्ड के लिए चुने गए दुर्जन

मूल रूप से बीबीनगर के गांव नगला कटक निवासी चित्रकार दुर्जन सिंह ने राणा ने बताया कि कोविड 19 पर आधारित कलाकृति में सम्पूर्ण पृथ्वी को मास्क ओढ़े दशार्या गया है। कलाकृति में भारत के नक्शे से दीप प्रज्वलित हो रहा है, जो भारतीय पुलिस और भारतीय डॉक्टर के सम्मान में भारतीय प्रधानमंत्री के आह्वान पर जलाया गया है। दीपक की रोशनी में भारतीय नारी का बहुत सुंदर ढंग से चित्रण किया गया है। पृष्ठभूमि में स्विट्जरलैंड द्वारा एक पर्वत को तिरंगे में रोशनी से दर्शाकर देश की सराहना को भी दशार्या गया है। आपको बता दें दुर्जन सिंह राणा को इससे पहले भी देश और प्रदेश स्तर पर कला के क्षेत्र में कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

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