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असम में और बढ़ा ‘अफ्रीकी स्वाइन फ्लू’ का कहर


असम में और बढ़ा ‘अफ्रीकी स्वाइन फ्लू’ का कहर

अबतक 15 हजार सूअरों की मौत, 10 जिलों में जारी हुआ हाई अलर्ट

गुवाहाटी: कोरोना वायरस संकट के बीच असम में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू फैल रहा है। असम में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू से 15 हजार सूअरों की मौत हो गई है। जिसने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। राज्य सरकार की तरफ से किसानों को सूअरों के शव को गहराई में दफनाने की सलाह दी गई है। पशुपालन में लगे सैकड़ों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। राज्य की बीजेपी नीत सरकार ने इसको लेकर दस प्रभावित जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। केंद्र से राज्य सरकार ने सूअर पालने वाले किसानों के लिए 144 करोड़ रुपये के एक वित्तीय पैकेज की भी मांग की है।

असम के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा मंत्री अतुल बोरा ने बताया कि असम में इस बढ़ते संकट पर हम गहराई से चिंता कर रहे हैं। हर दिन मौतें बढ़ रही हैं। अब तक 10 जिले पहले ही प्रभावित हुए हैं। 14,919 सूअर पहले ही मर चुके हैं और संख्या बढ़ रही है। हमने भारत सरकार को सतर्क कर दिया है।”

फरवरी में आया था पहला केस
पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अफ्रीकी स्वाइन फ्लू असम में सबसे पहले इस साल फरवरी में सामने आया था। असम के माजुली, गोलाघाट और कामरूप, डिब्रूगढ़, शिवसागर, जोरहाट, धेमाजी, लखीमपुर और बिश्वनाथ जिले में संक्रमण फैला हुआ है।

दो किलोमीटर लंबी नहर खोदी गई
असम के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा मंत्री अतुल बोरा अफ्रीकी स्वाइन फ्लू फैलने के बाद काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया और जंगली सूअरों को जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अगोराटोली रेंज के अंदर छह फुट गहरी और दो किलोमीटर लंबी नहर खोदी गई है ताकि आसपास के गांवों से जंगली सूअर वापस आ सके और घरेलू सूअर पार्क में प्रवेश ने करें। बोरा ने कहा कि राज्य नियमित रूप से केंद्र को स्थिति से अवगत करा रहा है।

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