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अबोध बच्चियों को झकरकटी बस अड्डे पर लावारिस छोड़ पिता भागा


अबोध बच्चियों को झकरकटी बस अड्डे पर लावारिस छोड़ पिता भागा

अपनी 4 वर्षीय एवं ढाई वर्ष की बच्चियों को झकरकटी बस अड्डे पर अकेला छोड़कर एक पिता भाग निकला.चाइल्डलाइन को इसकी सूचना पुलिस ने दी.चाइल्डलाइन के संचालकों के अनुसार बच्चियों ने बताया कि वह मेरठ की रहने वाली है बच्चियों के पास उनके कपड़े एवं मेरठ की दुकान का पॉलिथीन भी प्राप्त हुआ है.अभी दोनों बच्चियां चाइल्डलाइन कानपुर ऑफिस में हैं जिसे की बाबू पुरवा थाने के द्वारा चाइल्डलाइन के सुपुर्द रात 2:00 बजे किया गया है।

4वर्षीय मासूम ने रो रोकर बताई घटना
4 वर्षीय याशिका ने बताया कि वह मेरठ की रहने वाली है और उसके तीन भाई बहन हैं वह खुद याशिका, ढाई वर्ष की मतो और एक भाई जो की उससे छोटा है उसका नाम पीयूष है उसके पिता का नाम अर्जुन और मां का नाम नेहा है इन बच्चों के पास न्यू मेरठ क्लास हाउस पूर्वा इलाही बक्स जाटव गेट मेरठ लिखा हुआ है याशिका ने बताया कि उसके पिता अर्जुन उसे मुरादनगर जो की गाजियाबाद मेरठ के बीच में पड़ता है मैं अपनी दादी के यहां ले जा रहे थे और कानपुर में लाकर छोड़ दिया उसने यह भी बताया कि उसकी मां नेहा कुछ दिन पूर्व उन लोग को छोड़कर चली गई थी इन बच्चों के संबंध में चाइल्ड लाइन मेरठ तथा पुलिस विभाग मेरठ को भी सूचित किया गया है लेकिन अभी कोई पता नहीं चल पाया है इन बच्चियों को बाल कल्याण न्याय पीठ के सम्मुख उनके आशय लिए प्रस्तुत किया जायेगा और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी बच्चियों की ढूंढने के प्रयास किए जा रहे हैं यह जानकारी चाइल्ड लाइन कानपुर के निर्देशक कमल कांत तिवारी ने दी है

क्या है नियम?
कमलकांत ने बताया कि यदि प्रमाणित होता है कि मां-बाप द्वारा बच्चियों को जानबूझकर छोड़ा गया है तो उनके विरूद्ध किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति एवं थाने को सूचित किया जाएगा सूचित कर कार्रवाई कराई जाएगी.

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