ई-संजीवनी ऐप : चिकित्सीय परामर्श के मामले में मेरठ प्रदेश में तीसरे स्थान पर

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ई-संजीवनी ऐप : चिकित्सीय परामर्श के मामले में मेरठ प्रदेश में तीसरे स्थान पर

  • सीएचओ डाउनलोड कराएंगे ई-संजीवनी ऐप : सीएमओ
  • हर सीएचओ को रोजाना कम से कम पांच लोगों को जोड़ने का मिला लक्ष्य
  • डाटा एंट्री में लगे सीएचओ अब ई-ओपीडी को देंगे बढ़ावा

 
 मेरठ । ई-संजीवनी ऐप से चिकित्सीय परामर्श लेने के मामले में जनपद मेरठ पूरे सूबे में तीसरे स्थान पर है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. राजकुमार ने जनपद की रैकिंग को और बेहतर बनाने के लिए सभी कम्युनिटी हेल्थ अफसरों (सीएचओ) को रोजाना कम से कम पांच लोगों के फोन में ई-संजीवनी ऐप डाउनलोड कराने का लक्ष्य दिया  है।

जनपद में 13 अगस्त तक कुल 2258 लोगों ने इस ऐप के जरिए चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया।

कोरोना काल में अस्पताल जाने पर लोगों को संक्रमण  का खतरा बना रहता है। ऐसे में लोग अपने घर बैठ कर चिकित्सक से परामर्श कर सकें, इसके लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा तैयार कराए गए ऐप ई-संजीवनी (ओपीडी ऐप) को डाउनलोड करना होगा।

सीएमओ ने बताया जनपद में 50 कम्युनिटी हेल्थ अफसर कार्यरत हैं। सभी रोजाना कम से कम पांच लोगों को ई-संजीवनी ऐप डाउनलोड कराएंगे।

सीएचओ उन लोगों की भी मदद करेंगे जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है। ऐसे लोग नजदीकी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में जाकर सीएचओ के  टैबलेट की मदद से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त 15 मैटरनल हेल्थ कम्युनिटी प्रोसेस (एमएचसीपी) से 21 स्टाफ नर्स को लगाया गया है।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनीत कुमार ने बताया ई-संजीवनी ऐप को किसी भी स्मार्ट फोन में प्ले स्टोर पर जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। यह बहुत आसान है। इस ऐप में पंजीकरण करते ही आपका टोकन नंबर जेनरेट हो जाएगा।

ऐप पर ऑनलाइन उपलब्ध चिकित्सक के नाम देखकर आप उनमें से किसी एक को चुन सकेंगे। चिकित्सक का चुनाव करते ही वह वीडियो कॉल के जरिए जुड़ जाएंगे। ऐप पर उपलब्ध चिकित्सकों में फिजीशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ और जनरल सर्जन समेत विभिन्न रोगों के चिकित्सक उपलब्ध हैं।

सीएमओ डा. राजकुमार ने बताया सरकार ने इस सुविधा को स्टे होम ओपीडी का नाम दिया है। यह ऐप उन लोगों के लिए बड़े काम का साबित होगा, जो कोरोना वायरस के डर से अस्पताल नहीं जा पा रहे हैं और अपनी बीमारी को दबाए बैठें हैं।

कहीं न कहीं इस ऐप के जरिए कोविड-19 के मरीजों को तलाशने में भी मदद मिलेगी। सीएमओ ने अपील की है कि स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या होने पर लोग इस ऐप का प्रयोग करते हुए चिकित्सक से घर बैठे परामर्श लें। उपचाराधीन मरीज इस ऐप के जरिए परामर्श लेकर अपनी दवा जारी रख सकते हैं।

ई-संजीवनी ऐप पूरे देश में काम कर रहा है। हर प्रांत के लिए अलग-अलग समय सारिणी भी ऐप पर ही उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश में इस ऐप पर जनरल ओपीडी सोमवार से शनिवार तक सुबह नौ बजे से सायं चार बजे तक उपलब्ध रहेगी, जबकि विशेषज्ञ ओपी के लिए दोपहर दो बजे से सायं चार बजे तक का समय निर्धारित है।

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