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e-commerce companie: त्योहारी सीजन में 90 हजार करोड़ का कारोबार करेंगी ई-कॉमर्स कंपनियां

e-commerce companies

Festive season e-commerce companies: पिछले दस सालों में भारतीय ई-कॉमर्स बिजनेस में जबरदस्त बदलाव आया है। इस दौरान ई-कॉमर्स उद्योग के सालाना जीएमवी में करीब 20 गुना वृद्धि हुई है। इस बार त्योहारी सीजन के दौरान ई-कॉमर्स रिटेलर कंपनियां 90 हजार करोड़ रुपए का कारोबार कर सकती हैं। रेडसियर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स रिपोर्ट में कहा है कि आने वाले त्योहारी सीजन सेल का बिजनेस पिछले साल की तुलना में 18 से 20 प्रतिशत अधिक होगा।

ई-कॉमर्स उद्योग का जीएमवी करीब 90 हजार करोड़ रुपए रहने की उम्मीद

रेडसियर की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘हमारा मानना है कि इस साल के त्योहारी सीजन में भारत के ई-कॉमर्स उद्योग का सकल मर्केंडाइज मूल्य (जीएमवी) करीब 90 हजार करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है। जो पिछले साल 2022 के त्योहारी सीजन के मुकाबले 18 से 20 प्रतिशत अधिक होगा। इसमें मुख्यतः 14 करोड़ उन खरीदारों के कारण तेजी आएगी जो त्योहारी सीजन के दौरान कम से कम एक बार ऑनलाइन खरीदारी करेंगे।

भारत में ऑनलाइन रिटेलर कंपनियों द्वारा त्योहारी सीजन वाली बिक्री का ये दसवां साल है। सबसे पहले 2014 में भारतीय ई-रिटेलर कंपनियों ने ऑनलाइन त्योहारी बिक्री की शुरूआत की थी। पिछले दस साल के दौरान भारत के ई-कॉमर्स कारोबार में जबरदस्त बदलाव आया है। इस दौरान ई-कॉमर्स कारोबार में सालाना जीएमवी में करीब 20 गुना वृद्धि हुई है।

इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की जमकर बिक्री

साल 2014 में ई-कॉमर्स कारोबार का सालाना जीएमवी 27,000 करोड़ रुपए रहा था। रेडसियर का कहना है कि इस साल यह आंकड़ा करीब 5.25 लाख करोड़ रुपए तक हो सकता है। इस दौरान सालाना लेनदेन करने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या में 15 गुना वृद्धि हुई है।
रेडसियर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स ने कहा, ‘पिछली कुछ तिमाहियों से इलेक्ट्रॉनिक्स से अलग विभिन्न कै​टगरी का जीएमवी में अधिक योगदान देखने को मिला है। आमतौर पर त्योहारी सीजन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की जमकर बिक्री होती है। लेकिन पिछले कुछ सालों से त्योहारी बिक्री की अवधि की तुलना करने पर अंदाजा मिलता है कि श्रेणियों में विविधता आई है।

भारत में उपभोक्ता मांग के रुझान का आकलन ई-रिटेलर की बिक्री से होता है। इस साल 10 वें त्योहारी सीजन की बिक्री के आयोजन की अवधि ज्यादा महत्त्वपूर्ण है। पिछले कुछ समय से खपत में कमी दिख रही थी। बीते तीन सालों से देश की अर्थव्यवस्था पर बाहरी कारकों का प्रभाव पड़ा है।

ई-कॉमर्स कंपनियां अपने मेगा त्योहारी सेल की तैयारी कर रही

एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां अपने मेगा त्योहारी सेल की तैयारी कर रही हैं। फ्लिपकार्ट अपने त्योहारी सेल ‘द बिग बिलियन डेज (टीबीबीडी)’ की पेशकश अक्टूबर में करने की तैयारी में है। एमेजॉन भी इसी दौरान अपने ‘ग्रेट इंडियन फेस्टिवल’ की पेशकश करने की तैयारी कर रही है। फ्लिपकार्ट ने कहा कि उसने अपने मंच पर 14 लाख विक्रेताओं को जोड़ा है जो महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।

यह पिछले वर्ष के मुकाबले विक्रेताओं की 27 प्रतिशत अधिक तादाद है। पिछली कुछ तिमाहियों के दौरान छोटे शहरों और कस्बों के मुकाबले महानगरों से बिक्री अधिक देखने को मिली है। अन्य शहरों के 8 प्रतिशत के मुकाबले महानगरों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, रेडसियर का मानना है कि इस त्योहारी सीजन में छोटे-बड़े सभी शहरों में इस बार अच्छी बिक्री देखने को मिलेगी।
वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट, मीशो, एमेजॉन, रिलायंस जियो मार्ट और टाटा ग्रुप जैसी कंपनियां ई-कॉमर्स बाजार में आई हैं। जो बाजार की तेजी को भुनाने के लिए एक-दूसरे से तगड़ी प्रतिस्पर्धा कर रही है।

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