Site icon Buziness Bytes Hindi

दूल्हे का गांव बना कंटेनमेंट जोन तो दुल्हन खुद पहुुंची फेरे लेने


दूल्हे का गांव बना कंटेनमेंट जोन तो दुल्हन खुद पहुुंची फेरे लेने

दूल्हे का गांव कंटेनमेंट जोन बनाये जाने के कारण बारात ले जाने की नहीं मिली इजाजत

माता-पिता और पंडितजी के साथ दुल्हन पहुंच गयी दुल्हे के घर, वहीं पर लिये सात फेरे

चम्पावत। कोरोना संक्रमण के दौर में लोग शादियां भी अनोखे तरीके से करने को मजबूर हो रहे हैं। हाल ही में हुई एक शादी में जहां दूल्हा-दुल्हन ने पीपीई किट पहन कर शादी की थी। वहीं आज होेने वाले पति के गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किये जाने के बाद दुल्हन अपने माता-पिता और पंडितजी के साथ खुद दूल्हे के घर पहुंच गयी। दूल्हे के घर पर ही दुल्हन ने सात फेेरे लिये और फिर वहीं रूक गयी। शादी के बाद लौटे माता-पिता और पंडितजी को गांव में ही होम आइसोलेशन में रहना होगा।

चम्पावत के पुनाबे गांव निवासी रमेश बिनवाल की बेटी प्रियंका का विवाह स्वाला गांव के डुंगर देव के बेटे प्रकाश भट्ट के साथ 12 मई को होना तय हुआ था। लेकिन स्वाला गांव में एक साथ 47 कोरोना संक्रमित मिलने के बाद 11 मई को गांव को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया। कंटेनमेंट जोन से बाहर जाने की अनुमति न मिलने के कारण बारात ले जाना मुश्किल हो गया। अचानक हुई इस घटना ने दूल्हा और दुल्हन पक्ष को चिंता में डाल दिया।

ऐसे में दोनों पक्षों की गुहार के बाद प्रशासन ने दूल्हा पक्ष को बारात ले जाने की अनुमति तो नहीं दी मगर दुल्हन को दूल्हे के गांव तक तीन लोगों को लेकर जाने की इजाजत दे दी। बुधवार को दुल्हन प्रियंका अपने पिता रमेश बिनवाल, मां भावना देवी और पुरोहित रघुवर दत्त के साथ स्वाला गांव में दूल्हे के घर पहुंची जहां कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए सात फेरे लिये।

विवाह के बाद दुल्हन प्रियंका पति के घर ही रूक गयी। वहीं प्रियंका के पिता रमेश बिनवाल, मां भावना देवी और पुरोहित रघुवर दत्त को कोविड गाइडलाइन के अनुसार गांव पुनाबे में होम आइसोलेशन में रहना होगा।

Exit mobile version