Site icon Buziness Bytes Hindi

भाजपा से बर्खास्तगी तो, कांग्रेस में शामिल हुए डॉ हरक सिंह रावत


भाजपा से बर्खास्तगी तो, कांग्रेस में शामिल हुए डॉ हरक सिंह रावत

2016 में कांग्रेस में बगावत कर भाजपा में शामिल हुए थे हरक

देहरादून। उत्तराखंड भाजपा से हाल ही में बर्खास्त किए गए के दिग्गज नेता डॉ हरक सिंह रावत ने आखिरकार कांग्रेस की सदस्यता ले ली है. उनके साथ उनकी बहू अनुकृति गुसांई ने भी कांग्रेस ज्वाइन कर ली है।

पांच दिन पहले भाजपा से डॉ हरक सिंह रावत को बर्खास्त कर दिया था. इसके बाद से ही हरक सिंह रावत के कांग्रेस में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे. शुक्रवार को कांग्रेस ने दिल्ली चुनाव वार रूम में उनको पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी में सदस्यता दी है. डा. हरक सिंह रावत के साथ उनकी बहू ने भी कांग्रेस जांइन की है. बताया जा रहा है कि जल्द ही उनके चुनाव को लेकर कांग्रेस निर्णय लेगी. हरक सिंह रावत को केदारनाथ , कोटद्वार, डोईवाला या लैंसडाउन से टिकट दिया जाएगा।

Read also: उत्तराखंड से निष्कासित भाजपा मंत्री हरक सिंह रावत बोले, कांग्रेस के लिए करेंगे काम

इसके अलावा उनकी बहू को टिकट मिल सकता है. फिलहाल एक सप्ताह से हरक सिंह रावत को लेकर रहे बवाल पर आखिर ब्रेक लग गया है. अब टिकट को लेकर सभी की निंगाहें कांग्रेस पर टिकी हैं।

बता दें कि बीते कुछ दिन पूर्व ही डॉ हरक सिंह रावत को भाजपा से बर्खास्त किया गया था. हरक सिंह रावत पर पार्टी के अनुशासन तोडऩे का आरोप लगा था. वहीं दूसरी तरफ डॉ हरक सिंह रावत अब कांग्रेस में शामिल हो चुके है. हालांकि 2016 से पूर्व भी वह कांग्रेस के ही रहे. 2016 मं डॉ. हरक सिंह रावत ने कांग्रेस में बगावत कर अपने कई साथियों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे. भाजपा की सरकार बनी तो हरक सिंह रावत को न केवल कैबिनेट में जगह मिली, बल्कि पांच सालों तक सरकार उनके दबाव में चली. भाजपा शासन काल के तीनों मुख्यमंत्रियों को उनसे जूझना पड़ा. हरक ने कई बार नाराजगी दिखाकर सरकार पर दबाव भी बनाकर अपने फैसले मनवाने में कामयाब भी रहे. वहीं इस बीच भाजपा से उनकी बर्खास्तगी के बाद उनकी कांग्रेस में वापसी हो गई है।

Read also: उत्तराखंड भाजपा में बवाल, भाजपा ने किया हरक सिंह रावत को मनाने का दावा

नाराज रहे पार्टी के पुराने नेता

भाजपा के हरक सिंह रावत को तवज्जो देने पुराने नेता और कार्यकर्ता खासे नाराज रहे. इसके साथ ही पार्टी के आम कार्यकर्ताओं का इस बात से मनोबल भी टूटा. पार्टी के नेता इस बात से भी नाराज रहे कि बाहर से आए नेताओं को संगठन और सरकार में जरूरत से ज्यादा तवज्जों दी जा रही है. भारतीय जनता पार्टी ने हरक सिंह रावत को पार्टी से बर्खास्त कर नाराज कार्यकर्ताओं को भी मनाने की कोशिश की है।

Exit mobile version