Site icon Buziness Bytes Hindi

डबल म्यूटेंट कोरोना बन सकता है भविष्य में खतरा


डबल म्यूटेंट कोरोना बन सकता है भविष्य में खतरा

उत्तर प्रदेश में पहली बार डबल म्यूटेंट कोरोना मिलने सेे विशेषज्ञ सतर्क
तीसरी लहर में अहम भूमिका भी निभा सकता है डबल म्यूटेंट कोरोना

वाराणसी। कोरोेना की दूसरी लहर का मुकाबला कर रहे उत्तर प्रदेश में डबल म्यूटेंट कोरोना मिलने से विशेषज्ञ सतर्क हो गये हैं। दो सैंपलों की जांच में मिला बी.1.617.2 वैरिएंट कोरोना की तीसरी लहर में खतरनाक साबित हो सकता है। हालांकि दोनों व्यक्ति अभी बिल्कुल स्वस्थ हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैरिएंट ऑफ कंसर्न कहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोविड गाइडलाइन का पालन किया गया तो संक्रमण दर कम होने के साथ म्यूटेंट कम होता जायेगा।

आईएमएस-बीएचयू के एमआरयू (मल्टी डिस्नेरी रिसर्च यूनिट) लैब के प्रोफेसर राॅयना सिंह ने 22 मई को सोनभद्र के 35 वर्षीय व्यक्ति का सैंपल एक अमेरिकन वेबसाइट जीसैड पर सबमिट किया था। इस व्यक्ति में बी.1.617.2 वैरिएंट मिला था। प्रो. राॅयना सिंह के अनुसार जिन दो व्यक्तियों में डबल म्यूटेशन मिला है वह बिल्कुल स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि एमआरयू लैब में सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग करने के बाद अब बनारस सहित चंदौली, जौनपुर और गाजीपुर के भी सैंपलों की जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी।

एमआरयू लैब के चेयरमैन प्रो. टीएम महापात्रा ने इस संबंध में चेतावनी देते हुए कहा कि देश मे ंकोरोना संक्रमण के मामले भले ही कम हो गए हैं लेकिन अब भी एक्टिव कोरोना वायरस म्यूटेट हो रहा है। वायरस का म्यूटेट होना भविष्य में खतरा बल सकता है और कोरोना की तीसरी लहर में यह काफी अहम भूमिका भी निभा सकता है। हालांकि कोरोना संक्रमण दर कम किये जाने से वायरस में म्यूटेशन की रफ्तार को धीमा किया जा सकता है।

Exit mobile version