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क्या आप जानते हैं क्यों लगता है PPF, FD और RD पर टैक्स , अगर नहीं तो पढ़े रिपोर्ट

बाजार:- इनकम टैक्स भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। वही जब हम इनकम टैक्स रिटर्न भरते है तो हमे अपनी आय की सही जानकारी देनी रहती है। वही कई लोग अपने पैसे को सेविंग के तौर पर सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) में रखते हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता है कि हमे इन सेविंग्स पर मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स देना पड़ता है।
भविष्य से लेकर आज के समय में लोग सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) में निवेश करना काफी सुरक्षित मानते हैं और अपना ज्यादातर पैसा इसमे ही इन्वेस्ट करते हैं और उससे मिलने वाले ब्याज का लाभ उठाते हैं। आयकर अधिनियम के अनुसार, सेविंग्स स्कीम्स से मिलने वाले ब्याज को ‘अन्य स्रोत से इनकम’ माना जाता है. यही कारण है कि सेविंग अकाउंट, फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्‍याज पर टैक्‍स लगता है और बैंक टीडीएस काट सकता है।
बैंक सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) पर मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स तब लगाता है जब आयकरदाता की कुल आय छूट की सीमा (सालाना 2.5 लाख रुपये) से ज्यादा होने पर ही टैक्स लगता है. आयकर अधिनियम की धारा 80सी, 80डी की मदद से आयकरदाता अपनी टैक्‍स देयता घटा भी सकते हैं। अगर आम नागरिक को FD पर मिलने वाला ब्याज 40 हजार तक है तो उसको बैंक को ब्याज पर टैक्स नहीं देना होगा। सीनियर सिटीजन को FD पर मिले 50 हजार रुपये तक पर कोई टैक्‍स नहीं देना होता है. इससे ज्यादा आय होने पर 10 फीसदी TDS काटा जाता है।
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