- आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर पदमश्री मणिन्द्र अग्रवाल ने कहा, नेचुरल इम्यून सिस्टम संक्रमण को मात देने में सक्षम
कानपुर। कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्राॅन को लेकर भारत में भय और आशंका का माहौल है। इस नए वेरिएंट के कारण कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आने की आशंकाएं बलवती हो रही हैं। लेकिन आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर पदम श्री मणिन्द्र अग्रवाल का कहना है कि अगर इम्यूनिटी सिस्टम अच्छा है तो कोरोना संक्रमण अधिक प्रभावी नहीं होगा। लेकिन संक्रमण के प्रति सावधान रहना ज्यादा आवश्यक है।
Read also: यूपी में कोरोना वैक्सीनेशन 16 करोड़ के पार
प्रोफेसर पदमश्री मणिन्द्र अग्रवाल ने ओमीक्राॅन के कारण कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावनाएं तो जाहिर कीं लेकिन साथ ही यह भी कहा कि पहले के मुकाबले संक्रमण की दर कम घातक रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन से ज्यादा नेचुरल इम्यून सिस्टम कोरोना के इस नए वैरिएंट का मुकाबला करने में अधिक सक्षम है। मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर इस संक्रमण का असर ज्यादा नहीं होगा। उन्होंने अफ्रीका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बुजुर्गों को कोरोना वैक्सीन लगाने का फायदा मिला जबकि बच्चे अपनी मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण संक्रमण से बचने में कामयाब रहे। लेकिन वहां का युवा संक्रमण की गिरफ्त में है।
Read also: कर्नाटक में 20 छात्र कोरोना पॉजिटिव
प्रोफेसर मणिन्द्र अग्रवाल के अनुसार देश की 80 प्रतिशत आबादी में नेचुरल इम्यून सिस्टम काफी सशक्त हो चुका है ऐसे में कोरोना के नए वैरिएंट का कुछ खास असर भारत पर देखने को शायद ही मिल पाए। लेकिन यह तय है कि कोरोना की एक और लहर भारत में जरूर आएगी। उन्होंने कहा कि नए वेरिएंट के लेकर पूरे विश्व का आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद ही वह अधिक सटीक रिपोर्ट देंगे। प्रोफेसर मणिन्द्र अग्रवाल ने यह भी कहा कि कौवैक्सिन लगवाने वाले ओमीक्राॅन का मुकाबला करने में अधिक सक्षम हैं।

