- सुप्रीम कोर्ट ने सड़कें जाम रखने पर संयुक्त किसान मोर्चा को लगाई फटकार
नई दिल्ली। गुरुवार को दिल्ली की सीमाओं से किसानों को हटाने की अर्जी की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संयुक्त किसान मोर्चा से पूछा, ‘क्या किसानों को सड़कें जाम करने का अधिकार है?’ सुप्रीम कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रदर्शन करना किसानों का अधिकार है लेकिन वह अनिश्चित समय के लिये सड़कों को जाम नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट ने किसान संगठनों से 3 हफ्ते में इस मामले में जवाब देने को कहा है।
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केंद्र सरकार की ओर से लाये गये कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली बार्डर पर कब्जा कर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के द्वारा रास्ता रोके जाने के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों को हटाने का आदेश देने की मांग की गयी है।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एसके कौल और सीटी रविकुमार की बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए किसान संगठनों को फटकार लगायी। बेंच ने साफ तौर पर कहा कि कुछ समाधान तो तलाशना ही होगा। हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा ने पुलिस द्वारा सड़क प्रबंधन बेहतर करने या किसानों को रामलीला मैदान या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत दिये जाने की मांग की। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मोर्चा को 3 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 7 दिसंबर को की जायेगी।
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गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत मांग रहे किसान संगठनों को जमकर लताड़ लगायी थी। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि आपने दिल्ली का दम घोंट दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों पर प्रदर्शन और कोर्ट में मामला दायर करने पर भी सवाल उठाये थे।

