नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि ‘संघ राजनिति से दूर रहता है. लिंचिंग करने वाले हिंदुत्व के खिलाफ हैं. मैंने दिल्ली के भाषण मे भी कहा था अगर हिंदू कहता है कि यहां एक भी मुसलमान नहीं रहना चाहिए तो वो हिंदू हिंदू नहीं रहेगा और यह मैंने पहली बार नहीं कहा है, हम सबके पूर्वज एक समान हैं. स्वार्थ अलग अलग होंगे पर समाज एक है. आरएसएस प्रमुख ने ये बातें डॉ ख्वाजा इफ्तिखार अहमद द्वारा लिखित पुस्तक ‘द मीटिंग्स ऑफ माइंड्स: ए ब्रिजिंग इनिशिएटिव’ का विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं.
सभी भारतियों का डीएनए एक है
मोहन भागवत ने कहा कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है फिर चाहे वे किसी भी धर्म के हों. पूजा करने के तरीके के आधार पर लोगों में भेद नहीं किया जा सकता. अगर यह मानने लग जाएं कि यह जुडे हुए नहीं हैं तो यह दोनों ही संकट मे पड़ जाते हैं.
PoK को वापस लेने के वादे पर क़ायम
इससे पहले मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजल ने बताया था कि संगठन एक ऐसा माहौल बनाने के लिए देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा ताकि सरकार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को फिर से हासिल करने के अपने वादे पर काम करे. अब हम पाकिस्तान से गिलगित और बाल्टिस्तान के क्षेत्रों को वापस लेने के लिए केवल एक चीज के बारे में बात करेंगे और केंद्र से इसे अंतिम रूप से निपटाने के लिए कहेंगे.

