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DN College Meerut : बरसों बाद मिले तो आँखों से झलक आये आंसू


DN College Meerut : बरसों बाद मिले तो आँखों से झलक आये आंसू

डीएन डिग्री कॉलेज में पुरातन छात्र समागम का आयोजन
देश-विदेश से आये कॉलेज के पूर्व छात्रों ने बताए अनुभव

मेरठ। देवनागरी कॉलेज के शंकर ओडिटोरियम में शनिवार को पुरातन छात्र समागम का आयोजन किया गया। जिसमें देश-विदेश से आये पूर्व छात्र जो कभी न कभी किसी बैच में देवनागरी काॅलेज में अध्ययनरत रह चुके हैं, ने कार्यक्रम में शिरकत की।

कार्यक्रम का प्रारंभ सीसीएस के कुलपति प्रो एन के तनेजा, प्रबंध समिति केअवतैनिक सचिव अजय अग्रवाल प्राचार्य डा बीएस यादव, डीन स्टूडेंट वैलफेयर डा सुधीर गुप्ता, प्रो. दर्शन लाल अरोडा, एवं एलुमनाई एसो. के पदाधिकारियों के साथ रसायन विभाग जीार्णोद्वार उपरांत विभागध्यक्ष कक्ष एंव शिक्षक कक्ष का उद्घाटन फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डा विश्रुत चैधरी डा दीपक कुमार आदि ने कुलपति का स्वागत किया।

देवनागरी प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं विभिन्न पदों पर सुशोभित सुरेन्द्र प्रताप का आकस्मिक निधन हो जाने के कारण पुरातन छात्र समागम का सांस्कृतिक कार्यक्रम उनकी श्रद्धाजंलि देने के बाद रद कर दिया गया। इसके पश्चात पूर्व छात्र समागम का शुभारंभ के अवसर पर देश-विदेश से आये पूर्व छात्रों ने कॉलेज के समय अपने अनुभव साझा किये। पुरातन छात्र बीते समय की यादों में खो गए तो भावुक होकर किसी की आंखों में आंसू आ गये। कोई अनुभव सुनाते हुए बेहद प्रफुल्ल्ति था। अमेरिका में बसे पूर्व छात्र मोहिन्दर लाल नैयर ने उदयीमान एंव बौद्घिक ९ छात्रों को छात्रवृत्ति स्वरूप ५ हजार रूपये का चैक एवं ओवरऑल परफोमेंस के आधार पर छात्रों को ९ हजार की छात्रवृत्ति देकर छात्रों को मंच पर सम्मानित किया।

इस समागम में कॉलेज के बिछडे छात्र जो कभी एक दूसरे के साथ पढते थे आज जब वह कई वर्ष बाद मिले तो न कोई छोटा था, न ही कोई बडा, न ही कोई अधिकारी था, न ही कोई प्रोफेसर। आज सभी छात्र के रूप में नजर आ रहे थे। इस अवसर पर देश-विदेश से अनेक पूर्व छात्रों ने वीडियों संदेश भी प्रस्तुत किये। इसके साथ विदेश से आये पुरातन छात्रों ने अन्य छात्रों से कहा अपने कॉलेज को कभी नहीं भूलना चाहिए । वह पहली जिंदगी की नींव है जहां से आगे के पथ बनते है। कार्यक्रम को सफल बनाने में एसोसिएशन के अध्यक्ष वीएम नौटियाल, सचिन, आभा अवस्थी, अतुल त्यागी, एसोसिएशन की कोर्डिनेटर डा शेफाली पूनिया, डा एम के यादव, रामबली सिंह, डा दीपक कुमार का योगदान रहा।

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