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किसानों की सरकार दो टूक, चर्चा केवल कानून रद्द करने और MSP पर


किसानों की सरकार दो टूक, चर्चा केवल कानून रद्द करने और MSP पर

नई दिल्ली: प्रदर्शनकारी किसान संगठनों ने बुधवार को दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित वार्ता के संबंध में मंगलवार को केंद्र सरकार को पत्र लिखा और कहा कि चर्चा केवल तीन कानूनों को निरस्त करने के तौर-तरीकों एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की वैध गारंटी देने पर ही होगी। वहीं दूसरी तरफ वार्ता से पहले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल ने अमित शाह से मुलाकात की है।

चालीस किसान यूनियन का प्रतिनिधित्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को लिखे पत्र में कहा कि चर्चा केवल तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के तौर-तरीकों एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने पर ही होगी। इसमें आगे कहा गया कि बैठक के एजेंडे में एनसीआर एवं इससे सटे इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के संबंध में जारी अध्यादेश में संशोधन को शामिल किया जाना चाहिये ताकि किसानों को दंडात्मक प्रावधानों से बाहर रखा जा सके।

केंद्र और किसानों के बीच अगले दौर की वार्ता से एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल ने वरिष्ठ भाजपा नेता एवं गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं और वे संबंधित कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इन किसानों में ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हैं।

सरकार ने तीनों नए कृषि कानूनों को बड़े कृषि सुधार करार दिया है और कहा है कि इनसे किसानों की आय बढ़ेगी, लेकिन प्रदर्शनकारी किसान संगठनों को आशंका है कि इनकी वजह से न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडी प्रणाली खत्म हो जाएगी तथा वे बड़े उद्योग घरानों की दया पर निर्भर हो जाएंगे।

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