संसद में सीधे जाति पर सवाल, पीएम के समर्थन ने और बढ़ाया बवाल

आर्टिकल/इंटरव्यूसंसद में सीधे जाति पर सवाल, पीएम के समर्थन ने और बढ़ाया...

Date:

अमित बिश्नोई
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर जब कल संसद में राहुल गाँधी की उनकी जाति पर सवाल उठा रहे थे तब प्रधानमंत्री कहीं पर बैठे हुए शायद खुश हो रहे थे क्योंकि उन्होंने इस विवाद के बाद जिस तरह ट्वीट किया और उस ट्वीट में जो भाषा इस्तेमाल की उससे तो यही लगता है कि अनुराग ठाकुर अपने विपक्षियों के खिलाफ जो भाषा बोलते हैं वो उन्हें अच्छी लगती है , फिर चाहे वो गोली मारो वाला बयान हो या फिर कल लोकतंत्र के मंदिर में किसी की जाति पर सवाल उठाना हो। तभी तो उन्होंने ट्वीट करके लोगों से अपील की कि “मेरे युवा और ऊर्जावान सहयोगी श्री @ianuragthakur का यह भाषण अवश्य सुनना चाहिए। तथ्यों और हास्य का एक बेहतरीन मिश्रण, INDI गठबंधन की गंदी राजनीति को उजागर करता है”। प्रधानमंत्री की लोगों से अनुराग ठाकुर के उस भाषण को सुनने की अपील जिसमें वो नेता विपक्ष की जाति पर सवाल उठा रहे हैं. वो कह रहे हैं कि जिसे जाति का पता नहीं वो गणना की बात कर रहा है.

देखा जाय तो जैसा राहुल गाँधी का आरोप है कि अनुराग ठाकुर ने उन्हें गाली दी एकदम सही है। भरी सभा में जिसे पूरे देश में प्रसारित किया जा रहा है उस आदमी के बारे में जो पिछले दो वर्षों से जातिगत जनगणना कराने का बीड़ा उठाये हुए है उसके बारे में इस तरह की बात कही जा रही है. जिसे जाति का पता नहीं का क्या मतलब। इसका सीधा मतलब तो यही है कि अनुराग ठाकुर सीधे सीधे राहुल गाँधी के पूर्वजों का कैरेक्टर असैसिनेशन कर रहे हैं, उसपर सवाल उठा रहे हैं दूसरे शब्दों में वो सीधे तौर पर गाली दे रहे हैं. अनुराग ठाकुर का ये कहना कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया तो इसका मतलब वो हर उस आदमी की जाति के बारे में सवाल उठा रहे हैं जो इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं. इसका मतलब ये है कि अनुराग ठाकुर राहुल गाँधी, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव और जितने भी लोग हैं सबकी जाति पर सवाल उठा रहे हैं. अनुराग ठाकुर नितीश कुमार की जाति पर भी सवाल उठा रहे हैं जिन्होंने बिहार में जातिगत जनगणना करवा दी.

जाति का पता नहीं का दूसरा मतलब तो ये भी हो सकता है कि बाप का पता नहीं। यही वजह है कि भले ही राहुल गाँधी ने अनुराग ठाकुर की बात का उस ढंग से जवाब नहीं दिया जिस तरह अखिलेश यादव ने दिया। अखिलेश यादव ने बड़े ही तीखे तेवरों में पूछा कि अनुराग ठाकुर सदन में किसी की जाति कैसे पूछ सकते हैं. वहीँ राहुल गाँधी ने दूसरे ढंग से अनुराग ठाकुर को जवाब दिया और कहा कि जो भी सामाजिक न्याय की बात करेगा, जातिगत जनगणना की बात करेगा उसे गालियां खानी ही पड़ेंगी और वो ये गालियां खाने को हमेशा तैयार हैं लेकिन वो जातिगत जनगणना करवा कर रहेंगे। राहुल गाँधी ने अनुराग ठाकुर की गाली को भी सीधे सीधे जातिगत जनगणना से जोड़ दिया और उसे हवा दे दी. इस पूरे प्रकरण को पूरे देश ने देखा और जाना कि एक उच्च वर्ग के व्यक्ति ने कितनी निम्न स्तरीय बात कही है।

अनुराग ठाकुर ने तो जो कहा वो कहा लेकिन देश के प्रधानमंत्री ने जिस तरह अनुराग ठाकुर की प्रशंसा की और लोगों से अपील की कि लोग अनुराग ठाकुर के भाषण को सुने वो सच में हैरान करने वाला है हालाँकि हैरानी होनी नहीं चाहिए क्योंकि पिछली लोकसभा में भी दानिश अली को जिस तरह सदन में जातिसूचक गालियां दी गयी था और प्रधानमंत्री मौन रहे थे, विधूड़ी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. इससे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसे लोगों को पसंद करते हैं। उन्हें इस बात पर कोई ऐतराज़ नहीं कि उनका कोई सांसद सदन के अंदर किसी के माता-पिता पर सवाल उठा रहा है. जाति का पता नहीं का सीधा मतलब यही होता है कि उस व्यक्ति के माता-पिता का पता नहीं। आम भाषा में इसे जिस तरह कहा जाता है वो यहाँ लिखा नहीं जा सकता लेकिन मालूम सबको है कि जिसकी जाति का पता नहीं का मतलब क्या होता है। अब जब बात निकल ही गयी है तो फिर दूर तलक जाएगी भी. अनुराग ठाकुर का ये स्टेटमेंट आने वाले समय में भाजपा और सरकार को काफी भारी पड़ सकता है , विशेषकर महाराष्ट्र के चुनाव में जहाँ पर किसी की भी जाति पूछने से लोग बचते हैं क्योंकि वहां ये बहुत बुरी बात समझी जाती है और सौ फ़ीसदी महाराष्ट्र के चुनाव में राहुल गाँधी से जाति की इन्क्वायरी राजनीतिक मुद्दा बनने वाली है. अनुराग ठाकुर का गोली मारो वाला बयान किसी खास समुदाय के लिए था, हो सकता है उसका भाजपा को फायदा मिला हो लेकिन “जाति का पता नहीं और गणना की बात” देश की 70 फ़ीसदी लोगों से जुड़ती है, अनुराग ठाकुर ने सिर्फ राहुल गाँधी की जाति नहीं पूछी बल्कि देश की 70 फ़ीसदी आबादी की जाति सवाल उठाया है जो प्रधानमंत्री और भाजपा को बहुत भारी पड़ सकता है. प्रधानमंत्री ने अनुराग ठाकुर का इस मामले में समर्थन करके बात संभाली नहीं बल्कि बात बिगाड़ी है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

एम्‍वे इंडिया ने प्रीमियम स्किनकेयर पोर्टफोलियो का किया विस्तार

न्‍यूट्रीलाइट स बॉटैनिकल्स की खूबियों से भरपूर आर्टिस्‍ट्री स्किन...

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रता क्या है? कौन आवेदन कर सकता है?

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ लेने से पहले...

ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला, बोलीं- मैं तब तक लड़ती रहूंगी, जब तक आपका अंत नहीं देख लूं

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC)...

ई-श्रम कार्ड से जुड़े आम सवाल और जवाब (FAQs): पूरी जानकारी

ई-श्रम कार्ड को लेकर लोगों के मन में कई...